देशसेवा की तीन पीढ़ियों की विरासत... पूर्व सैनिक पिता का सपना हुआ साकार, बेटा बना सेना में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर)
चौपारण के डोईया गांव के डॉ. सोम राज भारतीय सेना की मेडिकल कोर में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर) के पद पर कमीशंड हुए हैं। उन्होंने आर्मी मेडिकल कॉलेज, पुणे से एम ...और पढ़ें

अपने परिवार के साथ डॉ. सोम राज। जागरण
HighLights
डॉ. सोम राज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट डॉक्टर बने।
चौपारण के डोईया गांव निवासी, पहली पोस्टिंग जोधपुर।
शशि शेखर, जागरण, चौपारण (हजारीबाग)। कहते हैं कि देशभक्ति और अनुशासन की सबसे पहली पाठशाला परिवार होता है। छोटे से गांव से निकलकर बड़े सपनों को सच करने वाले युवाओं के लिए डोईया गांव के डॉ.सोम राज ने मिसाल कायम की है।
प्रखंड की वृंदावन पंचायत अंतर्गत डोईया गांव के पूर्व सैनिक शंभु यादव के पुत्र डॉ. सोम राज भारतीय सेना की मेडिकल कोर में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर) के पद पर कमीशंड हुए हैं।
पिता ने वर्षों तक भारतीय सेना में रहकर मातृभूमि की रक्षा की, तो अब उनके पुत्र डॉ. सोम राज भारतीय सेना की मेडिकल कोर में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर) बनकर देशसेवा की नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
10 जुलाई को वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर) के पद पर कमीशंड हुए। उनकी पहली पोस्टिंग मिलिट्री हॉस्पिटल, जोधपुर (राजस्थान) में हुई है।
डॉ. सोम राज की शिक्षा
डॉ. सोम राज बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नमन विद्या मंदिर, हजारीबाग में हुई। इसके बाद उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल, रानीखेत (उत्तराखंड) से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की।
10वीं एवं 12वीं की पढ़ाई सेंट्रल पब्लिक स्कूल, बेलगांव (कर्नाटक) से पूरी करने के बाद वर्ष 2022 में नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने आर्मी मेडिकल कॉलेज, पुणे से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की।
चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना की मेडिकल सेवा को अपना करियर चुना और अब सेना के चिकित्सा अधिकारी के रूप में सैनिकों की सेवा करेंगे।
देशसेवा विरासत में मिली, मेहनत से दी नई पहचान
डॉ. सोम राज ऐसे परिवार से आते हैं, जहां देशसेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि परंपरा है। उनका परिवार सेवा, अनुशासन और समर्पण की मिसाल माना जाता है। उनके पिता शंभु यादव भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिक हैं, जबकि माता कपूर देवी गृहिणी हैं।
बड़े भाई शिवम राज वर्तमान में स्वीडन में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में कार्यरत हैं। उनके दादा दीनानाथ यादव डाक विभाग में पोस्टमास्टर थे और पूरे क्षेत्र में "डाक बाबू" के नाम से सम्मानपूर्वक जाने जाते थे। परिवार की तीन पीढ़ियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में समाज और देश की सेवा कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
इस बात की जानकारी देते हुए चाचा समाजसेवी जीतू उर्फ जितेंद्र यादव ने बताया कि डॉ. सोम राज ग्रामीण परिवेश से निकलकर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर) बनना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर गांव का युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंच सकता है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
डॉ. सोम राज की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। विधायक मनोज कुमार यादव, पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला, मुखिया प्रतिनिधि राजदेव यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।