हजारीबाग झील क्षेत्र बनेगा नो व्हीकल जोन, 5 प्रमुख मार्गों पर वाहनों पर पूरी तरह रोक; मेडिकल स्टॉफ पर पड़ेगा असर
हजारीबाग प्रशासन ने झील क्षेत्र को पूर्ण नो व्हीकल जोन बनाने का निर्णय लिया है, जिससे पैदल यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। ...और पढ़ें
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संवाद सहयोग, हजारीबाग। शहर की हृदयस्थली कही जाने वाले झील क्षेत्र को अब पूरी तरह पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और आकर्षक बनाने की दिशा में प्रशासन ने निर्णायक कदम बढ़ा दिया है।
झील क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा आम नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से नो व्हीकल जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत आने वाले दिनों में झील क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
इस क्रम में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, मेयर अरविंंद राणा, नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता , उप नगर आयुक्त ज्योति कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) मो अरमानुल हक, सहायक नगर आयुक्त अनिल पांडे , एवं ट्रैफिक थाना प्रभारी अनूप प्रसाद ने संयुक्त रूप से झील क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन प्रमुख मार्गों का चयन किया, जहां से झील क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश होता है। प्रशासन ने त्रिमूर्ति चौक, एम्फी थिएटर एवं सीआरपीएफ की ओर से आने वाली सड़क, इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय मार्ग, आयुक्त आवास मार्ग तथा उपायुक्त आवास मार्ग को नो एंट्री प्वाइंट के रूप में चिन्हित किया है।
अधिकारियों ने बताया कि इन पांचों प्रवेश बिंदुओं पर जल्द ही आवश्यक संरचनात्मक व्यवस्था की जाएगी, जिससे झील क्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश रोका जा सके। केवल पैदल चलने वाले नागरिकों को ही क्षेत्र में आने-जाने की अनुमति होगी।
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बता दें कि प्रशासन का मानना है कि इस पहल से झील क्षेत्र में प्रदूषण और शोरगुल में कमी आएगी, वहीं मॉर्निंग वॉक, व्यायाम और पर्यटन के लिए आने वाले लोगों को बेहतर वातावरण मिलेगा।
नो व्हीकल जोन बनाए जाने पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों व कर्मियों को होगी परेशानी
झील क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाने से जहां सैर और व्यायाम आदि करने वालों के लिए सहुलियत होगी। वहीं इससे मेडिकल कॉलेज, जेल, रेडियो स्टेशन सहित अन्य प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
नो व्हीकल जोन घोषित किए जाने के सवाल पर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डाक्टर ने बताया कि उन्हें तीन शिफ्ट में कार्य करने के लिए उत्क्रमित सदर अस्पताल तक जाना पड़ता है। वहीं परिवार के लोगों व कालेज के छात्र-छात्राओं को भी अपनी दैनिक आवश्यकता के सामानों के लिए भी बाजार आदि जाना पडता है।
नो व्हीकल जोन घोषित किए जाने के बाद लोगों को सीडब्लूसी गोदाम के रास्ते से होकर होमगार्ड चौक की ओर से एनएच होकर शहर में प्रवेश करना पडेगा। जिससे न केवल दूरी काफी बढ जाएगी, बल्कि सुरक्षा के ख्याल से सही नहीं होगा। इस क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है।