धान की बुआई ने पकड़ी रफ्तार: माॅनसून आते ही खेतों की ओर लौटे अन्नदाता, खरीफ फसलों की तैयारी तेज
हजारीबाग में मॉनसून की सक्रियता से किसानों में खुशी है, पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है। इसके चलते धान सहित अन्य खरीफ ...और पढ़ें

हजारीबाग में धान उगाने के लिए तैयार किए जा रहे खेत।
HighLights
खेतों में धान और अन्य खरीफ फसलों की बुआई शुरू।
समय पर बारिश से बीजों का बेहतर अंकुरण होगा।
संवाद सूत्र, हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में माॅनसून की सक्रियता ने अन्नदाताओं के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। पिछले दो दिनों से जिले भर में हो रही लगातार बारिश से खेतों को संजीवनी मिल गई है।
मिट्टी में पर्याप्त नमी आने के बाद खरीफ फसलों की खेती की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। लंबे समय से सूखे खेतों को निहार रहे और आसमान की ओर टकटकी लगाए किसान अब पूरे उत्साह के साथ खेतों में धान बीज की बुआई में जुट गए हैं।
सुबह से ही खेतों में जुटी किसानों की टोली
जिले के ग्रामीण इलाकों में सुबह की पहली किरण के साथ ही किसान अपने हल-बैल और ट्रैक्टर लेकर खेतों की जुताई करने पहुंच रहे हैं। कई प्रमुख कृषि क्षेत्रों में धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने के लिए बीज डालने का काम तेजी से चल रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस वर्ष माॅनसून ने बिल्कुल सही समय पर दस्तक दी है। यदि आने वाले दिनों में भी इंद्रदेव इसी तरह मेहरबान रहे और नियमित अंतराल पर बारिश होती रही।
धान के साथ अन्य खरीफ फसलों को भी फायदा:
- मक्का और अरहर: खेतों की भरपूर नमी के कारण धान के अलावा मक्का, अरहर और अन्य दलहन-तिलहन फसलों की बुआई के लिए भी खेत तैयार किए जा रहे हैं।
- बेहतर अंकुरण: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर हुई इस बारिश से बीजों के अंकुरण की दर काफी अच्छी रहेगी, जिससे लागत के मुकाबले किसानों को बेहतर मुनाफा मिलेगा।
मौसम हुआ सुहावना, उमस भरी गर्मी से मिली मुक्ति
इस माॅनसूनी बारिश ने न केवल कृषि क्षेत्र को नई जिंदगी दी है, बल्कि आम जनजीवन को भी बड़ी राहत पहुंचाई है। पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस से काफी सुकून मिला है।
सुहावने मौसम के बीच गांवों की पारंपरिक रौनक पूरी तरह लौट आई है और चारों तरफ हरियाली तथा खेती का उत्साह देखने को मिल रहा है।