यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हजारीबाग बार एसोसिएशन चुनाव की मतगणना में जमकर चले लात-घूंसे, अध्यक्ष पद के नतीजे आते ही भड़के कई वकील
झारखंड के हजारीबाग में बार एसोसिएशन के चुनाव के बाद मतगणना के दौरान शुक्रवार की रात करीब 10 से 11 के बीच अधिवक्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई। आरोप है कि ...और पढ़ें

HighLights
- हजारीबाग बार एसोसिएशन चुनाव के मतगणना में जमकर मारपीट।
- आधा दर्जन वकीलों पर दर्ज हुई प्राथमिकी।
- मतगणना पर अनिश्चितकाल के लिए लगी रोक।
जागरण संवाददाता, हजारीबाग। हजारीबाग बार एसोसिएशन के चुनाव के बाद मतगणना के दौरान शुक्रवार की रात करीब 10 से 11 के बीच अधिवक्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट की शुरुआत मतगणना परिणाम में अध्यक्ष पद पर चुनाव जीतने की घोषणा के बाद हुई।
जमकर चले लात-घूंसे
आरोप है कि निवर्तमान अध्यक्ष राजकुमार राजू की जीत की घोषणा से उत्साहित समर्थक प्रतिद्वंदी पक्ष के लोगों के साथ गाली गलौज करने लगे। अन्य अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया। इसके बाद मतगणना हाल में देखते ही देखते मारपीट प्रारंभ हो गई। इस दौरान जमकर लात-घूंसे चले, कुर्सियां भी चलीं।
आधा दर्जन वकीलों पर केस दर्ज
आरोप है कि अधिवक्ता विवेक वाल्मीकि को घेर कर मारा गया। मारपीट और बीच बचाव में कई अधिवक्ताओं को चोट लगी है। मामले में अधिवक्ता विवेक वाल्मीकि ने सदर थाना में आधा दर्जन लोगों को नामजद आरोपी बनाते हुए मारपीट करने एवं जाति सूचक गाली देने का आरोप लगाकर प्राथमिकी कराई है।
मतगणना पर लगानी पड़ी रोक
इधर, नव निर्वाचित अध्यक्ष राजकुमार राजू ने पूरी घटना की निंदा की है और अपने समर्थकों का घटना में शामिल होने से इनकार किया है। मतगणना के दौरान विवाद होने के बाद चुनाव पदाधिकारी ने अनिश्चितकाल तक मतगणना पर रोक लगा दी है। मतपेटियों को सीलकर बार भवन के सुरक्षित कमरे में रख दिया गया है।
खबरें और भी
नए अध्यक्ष की घोषणा होती ही शुरू हुआ बवाल
बताते चलें कि शुक्रवार की सुबह नौ से शाम चार बजे तक हजारीबाग बार एसोसिएशन का मतदान हुआ। शाम करीब सात बजे मतगणना प्रारंभ हुई और अध्यक्ष पद के लिए घोषणा जीत की गई।
जीत की घोषणा होते ही रात करीब साढ़े 10 बजे अधिवक्ता मनीष कुमार और उनके साथ आए लोगों ने हंगामा प्रारंभ कर दिया। अभद्र टिप्पणियां करते हुए गालियां देनी शुरू कर दी, जिसका विरोध विवेक वाल्मीकि व अन्य अधिवक्ताओं ने किया और फिर मारपीट शुरू हो गई।