प्रेम-प्रसंग बनी हत्या की वजह, हजारीबाग में सहकर्मी ने ही सुपरवाइजर को शराब पिलाकर उतारा मौत के घाट
पुलिस ने हजारीबाग डेंटल कॉलेज के सुपरवाइजर विकास कुमार सिंह की हत्या का 48 घंटे में खुलासा कर मुख्य आरोपी पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया है। ...और पढ़ें
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
HighLights
हजारीबाग में सुपरवाइजर विकास कुमार सिंह की हत्या का खुलासा।
प्रेम प्रसंग में सहकर्मी पवन कुमार दास ने की हत्या।
शराब पिलाकर बेरहमी से पीटकर उतारा मौत के घाट।
संवाद सूत्र, हजारीबाग। शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में संचालित हजारीबाग डेंटल कॉलेज आफ साइंस एंड हॉस्पिटल के स्टोर कीपर सह सुपरवाइजर विकास कुमार सिंह की हत्या का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी आयोजित प्रेस वार्ता में सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रेम प्रसंग में पैदा हुई रंजिश के कारण आरोपित ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने बताया कि विगत 19 जुलाई को मुफस्सिल थाना क्षेत्र में विकास कुमार सिंह की हत्या की सूचना मिली थी।
मामले में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 117/26 दर्ज कर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के निर्देश पर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
टीम ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, बताया कि पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि वह और मृतक दोनों एक ही युवती से प्रेम करते थे। जब उसे इस संबंध की जानकारी मिली तो उसने विकास कुमार सिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
भारी मात्रा में पिलाई शराब
योजना के तहत 18 जुलाई की रात उसने विकास को अधिक मात्रा में शराब पिलाई। नशे और बेहोशी की हालत में जमीन पर मुंह के बल पटक दिया तथा लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी।
बता दें, कि पुलिस के मुताबिक आरोपित को पहले से जानकारी थी कि मृतक के सीने में मशीन लगी हुई है। इसी कारण उसने हमला इस तरह किया कि वह बच न सके।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। हालांकि, मामले की जांच कर रही पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान आगे बढ़ाया जा रहा है। छापेमारी टीम में मुफस्सिल थाना प्रभारी मुकेश कुमार सिंह, एसआई में जितेंद्र भगत, सिद्धनाथ कुमार व सत्यम के अलावा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।