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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maiya Samman Yojana: एक गलती और प्रदेश की 1 लाख महिलाओं को नहीं मिला मंइयां सम्मान योजना का लाभ, सुधार की गुंजाइश भी नहीं

    Updated: Thu, 05 Dec 2024 10:02 AM (IST)

    मंइयां सम्मान योजना की किस्त का इंतजार कर रही प्रदेश की लगभग 1 लाख महिलाओं के खाते में पैसे नहीं आए हैं। दरअसल बैंक खाता नंबर और IFSC कोड में गलती होन ...और पढ़ें

    1 लाख से ज्यादा महिलाओं के खाते में नहीं आई मंइयां योजना की किस्त
    1 लाख से ज्यादा महिलाओं के खाते में नहीं आई मंइयां योजना की किस्त

    HighLights

    1. मंइयां योजना के आवेदन में गलती हुई तो सुधार की गुंजाइश नहीं
    2. प्रदेश में एक लाख से अधिक के खाते में नहीं पहुंची राशि
    3. खाता नंबर व आइएफएससी कोड में गलती की शिकायत

    विकास कुमार, हजारीबाग। हेमंत सोरेन की सरकार को दोबारा सत्ता में लाने में मंइयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही वजह है कि सरकार ने इस महीने से योजना की राशि एक हजार रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी है।

    राशि बढ़ने से पूरे प्रदेश में महिलाएं उत्साहित हैं, लेकिन इस योजना के लिए आवेदन करते समय गलत जानकारी देने के कारण एक लाख से अधिक महिलाएं लाभ से वंचित हो गई हैं।

    खाता नंबर में गलती की वजह से परेशानी

    सरकारी पोर्टल में आवेदन अपलोड होने के बाद गलती सुधारने की कोई व्यवस्था नहीं है। जिन महिलाओं ने बैंक खाता नंबर या आइएफएससी कोड में गलती की है, वह रोजाना सुधार के लिए अंचल कार्यालय या प्रज्ञा केंद्र का चक्कर लगा रही हैं। हजारीबाग जिले में दो लाख 91 हजार महिलाओं के आवेदन स्वीकृत हुए थे। इनमें 19505 आवेदकों के खाते में राशि भेजी गई थी, लेकिन पेमेंट फेल्ड बताने लगी।

    राज्य स्तर पर एक लाख से अधिक महिलाएं इस समस्या के कारण लाभ से वंचित हो गई हैं। रामगढ़ जिले में करीब 36 हजार महिलाओं के बैंक खाते में पैसा नहीं गया है। हालांकि, इसके बाद से त्रुटि में सुधार के आवेदन भी लिए गए हैं, लेकिन ऑनलाइन विकल्प नहीं होने की वजह से यह ऑफलाइन ही पड़े हैं।

    दोबारा आवेदन जमा करने पहुंची महिलाएं

    • हजारीबाग सदर अंचल कार्यालय पहुंची संगीता कुमारी ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन फार्म जमा किया था, फिर भी राशि नहीं मिली। अब दोबारा आवेदन जमा करने पहुंची हैं।
    • मटवारी गांव की मोनिका सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के बावजूद राशि नहीं मिली। पंजाब नेशनल बैंक में खाता है, शायद त्रुटि की वजह से पैसा नहीं मिला। वह सुबह से फार्म जमा करने के लिए लाइन में खड़ी थीं।
    •  खिरगांव निवासी सब्बा कौशर व शबनम निशा ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद राशि नहीं मिली। कई बार कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं।
    • टाटीझरिया की कुंती देवी ने कहा कि शायद मेरा खाता नंबर गलत होने की वजह से मंइयां योजना की राशि मुझे नहीं मिली। सुधार के लिए आवेदन दिया है, लेकिन अब तक नहीं हुआ है।

    हजारीबाग सदर प्रखंड के 20 सूत्री अध्यक्ष बबलू कुमार मेहता ने कहा कि यह सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना है, लेकिन ऑनलाइन विकल्प नहीं होने की वजह से कई महिलाएं लाभ से वंचित हैं। हर दिन उनके पास सैकड़ों महिलाएं आवेदन लेकर आ रही हैं। सरकार को तत्काल त्रुटि सुधारने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए।

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    इस बारे में जानकारी देते हुए सीओ सदर अंचल मयंक भूषण ने कहा कि ऑनलाइन के बाद से अब ऑफलाइन आवेदन भी लेना अनिवार्य हो गया है। इसके लिए महिलाएं आ रही हैं। आवेदन में ऑनलाइन त्रुटि है तो इसमें सुधार का विकल्प अभी नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे इसमें सुधार हो रहा है।

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