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    हजारीबाग: स्कूल जाए बिना घर से लगाई ऑनलाइन हाजिरी, शिक्षक ने मांगी माफी; अब कार्रवाई की तैयारी

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 07:42 AM (GMT+05:30)

    हजारीबाग के कटकमदाग में एक सरकारी स्कूल के सहायक शिक्षक ने ई-विद्यावाहिनी ऐप से घर बैठे ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की गलती स्वीकार की है। ...और पढ़ें

    घर से लगाई ऑनलाइन हाजिरी ( एआई जेनरेटेज तस्वीर )

    घर से लगाई ऑनलाइन हाजिरी ( एआई जेनरेटेज तस्वीर )

    HighLights

    1. शिक्षक ने घर से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की।

    2. ई-विद्यावाहिनी ऐप के दुरुपयोग का मामला।

    3. विभाग ने जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधीक्षक को भेजी।

    संवाद सहयोगी, हजारीबाग। कटकमदाग प्रखंड के एक सरकारी विद्यालय में ई-विद्यावाहिनी एप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक राजेश कुमार ने विभाग को दिए अपने स्पष्टीकरण में स्वीकार किया है कि उनसे ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में गलती हुई। उन्होंने इसे भूलवश और नादानी में किया गया कृत्य बताया है। 

    जानकारी के अनुसार, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) राकेश कुमार द्वारा जारी स्पष्टीकरण के जवाब में शिक्षक ने अपने स्पष्टीकरण के जवाब में कहा कि 16 और 19 जून को उनसे अनजाने में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो गई। उन्होंने इस घटना पर खेद भी व्यक्त किया है। 

    घर से ही लगा दी थी हाजिरी

    गौरतलब है कि विद्यालय की प्रभारी सोनी कुमारी ने इस मामले की शिकायत बीईईओ समेत विभाग के उच्च अधिकारियों से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित शिक्षक ने विद्यालय में उपस्थित हुए बिना घर से ही ई-विद्यावाहिनी ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। वहीं वाट्स एप्प पर प्रभारी को अवकाश पर रहने के लिए आवेदन भी दिया। 

    इसके बाद उक्त शिक्षक ने उपस्थिति पंजी पर चढ़ाए गए अवकाश को ब्लेड से काटकर हटाने का दबाव भी बनाया। शिकायत मिलने के बाद बीईईओ ने शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा और पूरे मामले की जांच की। बीईईओ राकेश कुमार ने बताया कि जांच पूरी कर रिपोर्ट जिला शिक्षा अधीक्षक को भेज दी गई है। 

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    विभागीय सूत्रों के अनुसार मामले में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है। घटना के सामने आने के बाद ई-विद्यावाहिनी ऐप की विश्वसनीयता और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब विभाग की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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