हजारीबाग में सब्जी विक्रेता के बच्चों ने किया कमाल, 12वीं -10वीं और 8th बोर्ड तीनों में किया टॉप
चौपारण के केंदूआ निवासी सब्जी विक्रेता गोकुल चौरसिया के बच्चों ने आर्थिक तंगी के बावजूद परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह कहानी बताती है कि ...और पढ़ें

चौपारण को तीनों भाई-बहनों की सफलता पर गर्व है।
HighLights
आर्थिक तंगी के बावजूद बच्चों ने परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
बड़ी बेटी कृति ने इंटर साइंस में 90.2% अंक प्राप्त किए।
छोटी बेटी और बेटे ने भी मैट्रिक, आठवीं में शानदार ग्रेड पाए।
शशि शेखर, चौपारण (हजारीबाग)। मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के आगे आर्थिक तंगी भी हार मान लेती है। चौपारण प्रखंड के केंदूआ निवासी गोकुल चौरसिया ने इसे अपने जीवन से साबित किया है।
रोज सब्जी और फल बेचकर परिवार चलाने वाले गोकुल चौरसिया के तीनों बच्चों ने इस वर्ष विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
गोकुल चौरसिया खुद अधिक पढ़ाई नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को शिक्षित बनाने का सपना कभी नहीं छोड़ा। सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई जारी रखी। आज उनकी मेहनत रंग लाई है।
बड़ी बेटी कृति कुमारी ने केबीएसएस विद्यालय से इंटर विज्ञान की परीक्षा में 90.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया।
छोटी बेटी ब्यूटी कुमारी ने मैट्रिक परीक्षा में 93.4 प्रतिशत अंक लाकर सभी को प्रभावित किया। वहीं पुत्र प्रतीक कुमार ने आदर्श मध्य विद्यालय की आठवीं बोर्ड परीक्षा में ए प्लस ग्रेड प्राप्त किया।

बच्चों ने रखा पिता का मान
गोकुल चौरसिया बताते हैं कि कई बार आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर हो जाती थी कि पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो जाता था। इसके बावजूद बच्चों ने कभी हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करते रहे।
विद्यालय की प्राचार्या प्रतिमा राज ने बच्चों की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। स्थानीय लोगों ने भी इस परिवार की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है।
गोकुल चौरसिया और उनके बच्चों की कहानी यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और परिवार के सहयोग से सरकारी विद्यालयों के छात्र भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
चौपारण जैसे छोटे से जगह से एक पिता की मेहनत का बेटे-बेटियों ने भी पूरा मान रखा। आज पूरे हजारीबाग में इसकी चर्चा है। सभी कह रहे हैं, सब्जी बेचने वाले पिता के होनहार बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास।