हजारीबाग में मजदूरी करने गई महिला से सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट, रिम्स में इलाज के दौरान मौत
हजारीबाग में मजदूरी कर अपने पाँच बच्चों का पेट पालने वाली 35 वर्षीय गीता देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृ ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, टाटीझरिया(हजारीबाग)। सिमराढाब निवासी 35 वर्षीय गीता देवी,पति भुनेश्वर सिंह की लाश 30 अप्रैल को रात लगभग 9 बजे उसके घर पहुंची। लाश पहुंचते हीं उसके बच्चे और घर -परिवार के लोग लाश से लिपटकर दहाड़े मारकर रोने लगे। गांव वाले भी उसकी मृत्यु पर कहते सुने गए कि अब इसका घर बर्बाद हो गया। घर में बच्चों की देख -रख करने वाला कोई न रहा।
मृतका का भाई सोनू कुमार ने शुक्रवार को बताया कि उसकी बहन ,अपने चार बेटियों और एक बेटे के साथ हजारीबाग में रहकर मजदूरी किया करती थी। बच्चों का भरन - पोषण और शिक्षण का कार्य अपनी मजदूरी से कर पाती थी। सिमरा ढाब का घर बंद रहता था। इसी बीच उसके मृत्यु की खबर आई और हम सब को झटका लगा।
क्या कहते हैं भाई
मृतका के भाई 37 वर्षीय जुगल सिंह ,पिता धर्म सिंह,ऊपरैली मुर्गावां,विष्णुगढ़ निवासी ने रिम्स रांची में पुलिस दंडाधिकारी को दिए फर्द ब्यान में बताया है कि उसकी बहन हजारीबाग में ठेकेदार मनोज कुमार ,पिता उमाचरण, ग्राम रतवे जिला रामगढ़ निवासी के पास रहकर मजदूरी करती थी।
24 अप्रैल को गांव आई थी ,उसके बाद 26 अप्रैल को उसे मुंशी सिकंदर टुडू ने फोन कर बुलाया की ठेकेदार पैसा दे रहा है आ जाओ। वह उसी दिन उसके पास गई।जहां ठेकेदार मनोज कुमार, उसका भगिना सूरज कुमार , मुंशी सिकंदर टुडू ने उसे मारपीट किया और दुष्कर्म किया। उसकी हालत खराब हो गई तो रिम्स रांची में भर्ती करा दिया। जिसकी सूचना फोन पर मुंशी द्वारा दिया गया।
खबरें और भी
भाई ने फर्द ब्यान में बताया कि जब वह रिम्स गया तो वह बेहोशी की हालत में थी और फिर 30 अप्रैल को उसने दम तोड़ दिया। भाई ने बताया कि उसका पति भुनेश्वर सिंह गुजरात के एक प्लांट में काम करता है ,जिसे सूचना दे दी गई है।उसके आने के बाद आगे का कार्यक्रम किया जाएगा।