पुरुलिया में गरजे अभिषेक बनर्जी- '2011 के बाद जंगलमहल में लौटी शांति, भाजपा ने केवल डर और विभाजन फैलाया'
अभिषेक बनर्जी ने पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए भाजपा पर जंगलमहल में डर और विभाजन फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने 2011 के बाद क्षेत्र में शां ...और पढ़ें

बलरामपुर कॉलेज मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी।
HighLights
अभिषेक बनर्जी ने जंगलमहल में शांति का श्रेय ममता को दिया
भाजपा सांसद को विकास कार्यों पर रिपोर्ट कार्ड पेश करने की चुनौती
महंगाई और नागरिकता के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा
जंगलमहल में शांति का श्रेय ममता सरकार को
भाजपा सांसद को खुली चुनौती
महंगाई और नागरिकता के मुद्दे पर घेरा
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार को महंगाई और नागरिकता (CAA/NRC) के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर 1000 रुपये के पार हो गया है और रेल सेवाएं पूरी तरह बेपटरी हैं।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आम जनता को घंटों लाइन में लगकर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसका करारा जवाब मतदाता ईवीएम के जरिए देंगे।
कुड़माली और राजबंशी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की राज्य सरकार की सिफारिश पर केंद्र की चुप्पी भाजपा के आदिवासी विरोधी चेहरे को उजागर करती है।
विभाजन की राजनीति नहीं चलेगी
अभिषेक ने आरोप लगाया कि भाजपा कुड़मी और आदिवासी समाज को बांटने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि जयपुर सीट से कुड़मी नेता के बेटे को उतारना समाज को विभाजित करने की एक चाल है, जिसे पुरुलिया की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि शांतिराम महतो भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।