यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jamshedpur : भरी सड़क पर तीन ऑटो चालक लगा रहे थे रेस, बेकाबू होकर एक ने मारी स्कूटी को टक्कर; मासूम की हुई मौत
Jamshedpur News जमशेदपुर में बीच सड़क में तीन ऑटो चालकों की आपस में रेसिंग एक मासूम की जान पर भारी पड़ गई। यहां ऑटो चालकों की रेसिंग में सड़क दुर्घटन ...और पढ़ें

HighLights
- पिंकी कुमारी की बुधवार सुबह लगभग पांच बजे टाटा मुख्य अस्पताल में हुई मौत
- ऑटो चालकों के रेस लगाने की वजह से हुआ हादसा
- एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में क्लर्क के पद में कार्यरत थीं पिंकी कुमारी
जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। Jamshedpur News : सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में क्लर्क के पद में कार्यरत पिंकी कुमारी की बुधवार प्रातः पांच बजे टाटा मुख्य अस्पताल में मौत हो गई।
ऑटो ने पिंकी की स्कूटी को मारी जोरदार टक्कर
पिंकी कुमारी की बड़ी बहन और उनके बहनोई जो बेंगलुरु में रहते हैं उन्होंने बताया कि 25 मई को मतदान के दिन पिंकी को चुनाव कार्य में लगाया गया था। रविवार को साप्ताहिक छुट्टी थी।
उस दिन शाम 7:20 बजे अपने मंगेतर के साथ पिंकी मानगो समता नगर से डिमना चौक जा रही थी। एन एच 33 स्थित महिंद्रा शोरूम के समीप तीन ऑटो चालक आपस में रेस लगा रहे थे उसी में से एक ऑटो ने पिंकी की स्कूटी में टक्कर मार दी जिससे पिंकी बीच सड़क पर गिर गई। गंभीर चोटें आईं।
पिंकी के पिताजी की मानसिक हालत ठीक नहीं
स्कूटी चला रहे मंगेतर ने घायल पिंकी को टाटा मुख्य अस्पताल में दाखिल कराया। चिकित्सकों ने उसकी हालत को चिंताजनक बताया। पिंकी के पिताजी की मानसिक हालत ठीक नहीं है।
इस कारण मंगेतर ने इसकी सूचना उसकी बड़ी बहन जो बेंगलुरु में कार्यरत है, उन्हें दी। जिसके बाद बेंगलुरु से बहन और बहनोई जमशेदपुर पहुंचे।
स्वजन ने मामले की जानकारी भाजपा नेता विकास सिंह को दी। विकाश सिंह ने टाटा मुख्य अस्पताल जाकर मामले की जानकारी ली। मानगो थाना को फोन कर मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कहीं।
ऑटो चालक के खिलाफ अब होगी कार्रवाई
अस्पताल का बकाया करीब एक लाख रुपये प्रबंधन द्वारा मांगा जा रहा है विकास सिंह ने कहा कि पिंकी एमजीएम अस्पताल में क्लर्क के पद में पदस्थापित थी इसलिए उपायुक्त एवं एमजीएम अस्पताल प्रबंधन को मामले में हस्तक्षेप कर टाटा मुख्य अस्पताल में लगने वाली इलाज की राशि को माफ करवाते हुए ऑटो चालक के ऊपर कानूनी कार्रवाई करवानी चाहिए। मानगो थाना की पुलिस सीसीटीवी की मदद ऑटो चालक की पहचान करें।
ये भी पढ़ें:
Ayushman Bharat Yojana में देश में दूसरे स्थान पर झारखंड का ये अस्पताल, इस वजह से मिली उपलब्धि