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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lok Sabha Election 2024: झारखंड की इस सीट पर भाजपा ने खेल दिया 'जाति' कार्ड, अब JMM-कांग्रेस की यह है प्‍लानिंग

    Updated: Tue, 12 Mar 2024 10:13 AM (IST)

    Lok Sabha Election 2024 भाजपा ने विद्युत बरन महतो को जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में ...और पढ़ें

    लोकसभा चुनाव में जमशेदपुर सीट पर निर्णायक भूमिका में महतो मतदाता।
    लोकसभा चुनाव में जमशेदपुर सीट पर निर्णायक भूमिका में महतो मतदाता।

    HighLights

    1. महागठबंधन में अब तक सीट शेयरिंग और प्रत्याशी के नाम पर नहीं हुआ फैसला।
    2. जमशेदपुर सीट से सात बार महतो प्रत्याशी जीत चुके हैं चुनाव।
    3. जमशेदपुर सीट पर महतो (कुर्मी) मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।

    जितेंद्र सिंह, जमशेदपुर। आम लोकसभा चुनाव-2024 की तारीखों का एलान कभी भी हो सकता है। भाजपा ने विद्युत बरन महतो को जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। वह अघोषित रूप से चुनाव प्रचार में कूद पड़े हैं। उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। अब तीसरी बार मैदान में हैं।

    झामुमो को है महतो जाति से नए चेहरे की तलाश

    दूसरी तरफ महागठबंधन में अब तक सीट शेयरिंग और प्रत्याशी के नाम पर फैसला नहीं हुआ है। कांग्रेस और झामुमो के नेता टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। जमशेदपुर सीट की खासियत यह है कि यहां महतो (कुर्मी) मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। सात बार महतो प्रत्याशी चुनाव जीत चुके हैं।

    झामुमो ने जमशेदपुर सीट पर अपना दावा ठोका है। साथ ही प्रत्याशी के लिए ऐसा चेहरा ढूंढ रहा है जो महतो जाति का हो। ऐसे में आस्तिक महतो प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहे हैं। आस्तिक महतो 2019 के लोकसभा चुनाव में भी टिकट के प्रबल दावेदार थे।

    अंतिम समय में चम्पाई सोरेन को टिकट थमा दिया गया। नतीजा यह हुआ कि उन्हें बिद्युत बरन महतो से तीन लाख से अधिक वोट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। बिद्युत बरन महतो को 678934 वोट मिले थे, जबकि चम्पाई को 377352 वोट से ही संतोष करना पड़ा था।

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    जमशेदपुर सीट महतो समुदाय का दबदबा

    अगर कांग्रेस की बात करें तो इस सीट पर डा. अजय कुमार प्रबल दावेदार थे, लेकिन कांग्रेस चुनाव समिति ने उन्हें ओडिशा व तमिलनाडु का प्रभारी बनाया है। ओडिशा में लोकसभा व विधानसभा चुनाव एक साथ होने हैं।

    वहां बीजेडी व भाजपा के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट के साथ यहां कांग्रेस अपना पैर मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने डा. अजय को ओडिशा पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा है।

    जमशेदपुर सीट पर 1957 से लेकर 2019 तक चार महतो उम्मीदवारों ने इस सीट पर विजय प्राप्त की है। शैलेंद्र महतो ने 1989 में जीत हासिल की। उसकी पत्नी आभा महतो ने 1998 और 1999 में भाजपा से, सुनील महतो ने 2004 में झामुमो से, उनकी पत्नी सुमन महतो ने 2007 (उप चुनाव) में झामुमो से, बिद्युत बरन महतो ने 2014 और 2019 में भाजपा से जीत हासिल की। इस सीट पर डेढ़ लाख से अधिक महतो मतदाता हैं, जो चुनाव के दौरान हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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