जमशेदपुर में आक्रोश रैली: JPSC घोटाले को लेकर सड़क पर उतरी भाजपा, CBI जांच और सीएम के इस्तीफे की मांग
भाजपा जमशेदपुर महानगर ने जेपीएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने सीबीआई जांच और मुख्यमंत्री ...और पढ़ें
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HighLights
भाजपा ने जमशेदपुर में भर्ती परीक्षाओं में धांधली पर प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं ने जेपीएससी घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी जोरदार मांग उठाई।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, जूनियर इंजीनियर, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में शनिवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में साकची स्थित जिला कार्यालय से पैदल मार्च किया।
इस मार्च का आक्रोश रैली दिया गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय पहुंच कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार के विरोध में नारेबाजी तथा मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए झारखंड के युवाओं को न्याय दिलाने और भर्ती परीक्षाओं में हुए कथित घोटालों की सीबीआई जांच की मांग उठाई। पूरे रास्ते में कार्यकर्ताओं ने "युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो", "भ्रष्टाचारियों को सजा दो" और "हेमंत सरकार इस्तीफा दो" जैसे नारे लगाकर आक्रोश व्यक्त किया।

इस मौके पर उपस्थित पूर्व सांसद आभा महतो ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड की युवा शक्ति के सपनों के साथ लगातार विश्वासघात किया जा रहा है। जेपीएससी सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में जिस प्रकार गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उससे राज्य की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह संदेह के घेरे में आ गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सीआइडी जांच के नाम पर पूरे मामले की लीपापोती करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समर्थित हेमंत सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय उसे सौदेबाजी का माध्यम बना दिया है।
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जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, जूनियर इंजीनियर और उत्पाद सिपाही जैसी भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आई कथित गड़बड़ियां इस सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की जांच सीबीआइ से कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं शिक्षा विभाग का भी दायित्व संभाल रहे हैं, इसलिए नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार युवाओं के साथ हो रहे अन्याय पर मौन रही तो भाजपा सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक संघर्ष करेगी। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।