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    पूर्वी सिंहभूम में ब्रेन मलेरिया का कहर: MGM में 20 से अधिक मरीज भर्ती, बच्चों की हालत गंभीर

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 02:01 AM (IST)

    पूर्वी सिंहभूम में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है, जहां एमजीएम अस्पताल में 20 से अधिक मरीज भर्ती हैं। ...और पढ़ें

    ब्रेन मलेरिया से पीड़ित बच्चे का चल रहा इलाज। (जागरण)

    ब्रेन मलेरिया से पीड़ित बच्चे का चल रहा इलाज। (जागरण)

    HighLights

    1. पूर्वी सिंहभूम में ब्रेन मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ा।

    2. एमजीएम अस्पताल में 20 से अधिक मरीज भर्ती, बच्चे गंभीर।

    3. पोटका में एक बच्ची वेंटिलेटर पर, बहन की हुई मौत।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में ब्रेन मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। सबसे अधिक प्रभावित पोटका प्रखंड में एक-एक परिवार के कई सदस्य बुखार और मलेरिया की चपेट में हैं।

    हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सामान्य मलेरिया और ब्रेन मलेरिया के 20 से अधिक मरीज भर्ती हैं।

    इनमें 15 मरीज शिशु रोग विभाग में इलाजरत हैं, जबकि पांच बच्चों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। गंभीर बच्चों का इलाज पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) और नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआइसीयू) में किया जा रहा है।

    इनमें एक बच्ची वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पोटका निवासी एक वर्षीय खुशबू सरदार की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है।

    उसे ब्रेन मलेरिया, गंभीर एनीमिया, दौरे और सांस लेने में तकलीफ के कारण वेंटिलेटर पर रखा गया है। दर्दनाक बात यह है कि उसकी बड़ी बहन सुबोला सरदार की तीन दिन पहले इसी बीमारी से मौत हो चुकी है।

    पिता महावीर सरदार ने बताया कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पहले बड़ी बेटी को खो दिया और अब छोटी बेटी की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद चल रही है।

    पोटका के गांवों में बढ़ रहे मामले, कई परिवार प्रभावित

    पोटका के सेरेनडीह गांव निवासी अभिजीत भूमिज का एक वर्षीय बेटा भी ब्रेन मलेरिया से पीड़ित है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसके पिता भी कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित हैं। चिकित्सकों ने उन्हें भी अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है।

    इसके अलावा इचागढ़ के रोहन लोहरा, पोटका के मानसिंह सोरेन, परसुडीह की गुरुबारी भूमिज, गुड़ाबांधा की अबनी मुर्मू, पोटका के देव सबर, चक्रधरपुर के अमित बोदरा, गम्हरिया के हर्ष बांडरा व शीतला मांझी, बागबेड़ा की सोम्या मुंडा, पटमदा की लिपि सबर, डुमरिया के ललखिंजा सबर, चांडिल की शांकुलता सोरेन और राजनगर के लव मुर्मू समेत कई बच्चों का इलाज शिशु रोग विभाग में चल रहा है।

    पीआईसीयू और एनआईसीयू के सभी बेड भरे

    गंभीर मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण पीआईसीयू और एनआईसीयू के सभी बेड भर चुके हैं। अस्पताल में फिलहाल केवल दो वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, जबकि गंभीर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

    ऐसे में मरीजों के इलाज और प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ गई है। शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार के नेतृत्व में वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. केके चौधरी, डॉ. राघवेंद्र, डॉ. सलमान समेत पूरी टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है।

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    बरसात में बढ़ जाते मरीज

    चिकित्सकों के अनुसार, बरसात के मौसम में सामान्य मलेरिया के साथ ब्रेन मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं। पिछले 72 घंटे में ही 15 नए मरीज एमजीएम पहुंचे हैं।

    वहीं मेडिसिन विभाग में भी मलेरिया के पांच मरीज भर्ती हैं। स्थिति को देखते हुए पूरे अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    डॉ. केके चौधरी ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, बेहोशी, दौरे, उल्टी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचें, क्योंकि ब्रेन मलेरिया में समय पर इलाज ही मरीज की जान बचा सकता है।

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