ओडिशा-झारखंड को जोड़ने वाली बुरामारा-चाकुलिया रेल लाइन अटकी, वन विभाग की अनुमित का इंतजार
बुरामारा-चाकुलिया नई रेल लाइन परियोजना को वन विभाग से फारेस्ट क्लियरेंस का इंतजार है, जिसके लिए रेलवे ने सर्वे कर एनओसी मांगी है। ...और पढ़ें
-1779874384126_m.webp)
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, घाटशिला। बुरामारा-चाकुलिया नई रेल लाइन परियोजना में वन विभाग से फारेस्ट क्लियरेंस की जरूरत है। इसके लिए रेलवे ने सर्वे कर वन विभाग से एनओसी मांगा है।
इस प्रोजेक्ट के लिए झारखंड के चाकुलिया क्षेत्र के आसपास ही वन भूमि का उपयोग होगा। हालांकि रेलवे ने इसके लिए सर्वे कर वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए पहल शुरू कर दी। अब वन विभाग आगे इसपर निर्णय लेगा।
राष्ट्रपति ने रखी थी आधारशिला
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 7 दिसंबर 2024 को ओडिशा के रायरंगपुर में लगभग 60 किलोमीटर लंबी बुरामारा-चाकुलिया नई रेल लाइन परियोजना की आधारशिला रखी थी। यह परियोजना ओडिशा के मयूरभंज जिले को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम (चाकुलिया) और पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों से जोड़ेगी।
इस रेल लाइन का मुख्य उद्देश्य झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच संपर्क को बेहतर बनाना और आदिवासी बहुल इलाकों का तेजी से विकास करना है। इससे क्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा तथा टाटानगर के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा।
हालांकि इस प्रोजेक्ट के अधर में लटकने के सवाल पर दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने कहा कि प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। झारखंड के चाकुलिया में भी वन भूमि काफी आ रहा है।
हमने एनओसी के लिए वन विभाग को रिपोर्ट प्रेषित कर दी ही। अनुमति प्राप्त होते ही टेंडर की प्रक्रिया होगी। क्लियरेंस मिलते ही ईपीसी टेंडर कर देंगे।
यह भी पढ़ें- झारखंड में नई रेलवे लाइन का रास्ता साफ, 60 KM होगी लंबाई; ओडिशा से मिलेगी कनेक्टिविटी