यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Highcourt : मानगो सामूहिक दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता को हाईकोर्ट से मिली जमानत
मानगो सामूहिक दुष्कर्म मामले में श्रीकांत महतो समेत तीन को जमशेदपुर न्यायालय ने सुनाई थी 25-25 साल की सजा सुनाई थी। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने श् ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : मानगो के चर्चित सहारा सिटी सामूहिक दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता श्रीकांत महतो को झारखंड उच्च न्यायालय के जस्टिस राजेश कुमार के न्यायालय से शुक्रवार को जमानत (अपील बेल) मिल गई। इसकी जानकारी उसके अधिवक्ता गौरव कुमार पाठक ने दी। श्रीकांत महतो, इंद्रपाल सैनी और शिव कुमार महतो को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय के न्यायालय ने 22 जनवरी 2022 को 25-25 साल की सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी जिसके विरुद्ध श्रीकांत महतो ने झारखंड उच्च न्यायालय में अपील बेल को अर्जी दाखिल की थी। गौरतलब है कि मानगो थाना में इंद्रपाल सैनी,, श्रीकांत महतो और शिव कुमार महतो के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म किए जाने, अश्लील वीडियो बनाने और देह व्यापार कराने का आरोप लगाते हुए नाबालिग की मां ने मानगो थाना में 18 जनवरी 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सभी के विरुद्ध पोस्को एक्ट भी लगाया गया थ। दुष्कर्म मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 16 और बचाव पक्ष की ओर से नौ गवाही हुई थी।
डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत 22 आरोपितों के विरुद्ध चल रहा अलग से मामसहारा सिटी दुष्कर्म मामले में पटमदा के तत्कालीन डीएसपी अजय केरकेट्टा, एमजीएम थाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर इमदाद अंसारी समेत कई लोगों का नाम सामने आया था जिसको लेकर सरकार ने सीआइडी से जांच कराई थी। इस बीच सहारा सिटी दुष्कर्म मामले में अभियोजन की और से दाखिल अर्जी में 319 के तहत न्यायालय के आदेश पर डीएसपी अजय केरकेट्टा, तत्कालीन एमजीएम थाना प्रभारी इमदाद अंसारी समेत सोनू नैयर, लड्डन उर्फ पाहुल, मैन्यर, दिनेश अग्रवाल, अमित सिंह, मुन्ना धोबी, अजित मिस्त्री उर्फ बुलेट मिस्त्री, उपेंद्र सिंह, शाहिद, शाहिद, अभिषेक मिश्रा, लंगड़ा मकसूद, मनोज सहाय, गुरप्रीत सिंह, शंभू त्रिवेदी, करीम केबुल वाला, तस्मीम अहमद, राजेश सिंह,तनुश्री नायक और झारखंड के एक मंत्री के भाई गुड्डू गुप्ता को भी आरोपित बनाया गया है। निचली आदेश के विरुद्ध आरोपितों ने मामले को निरस्त करने झारखंड उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल कर रखा है।