दलमा में हाथियों का 'डेरा': 3 साल बाद लौटा 32 हाथियों का नया झुंड, कुल संख्या 70 के पार
दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी में 32 हाथियों का नया झुंड पहुंचा है, जिससे कुल संख्या 70 से अधिक हो गई है। वन विभाग ने मानव-हाथी संघर्ष की आशंका और सेंदरा पर ...और पढ़ें

दलमा में हाथियों का डेरा
HighLights
दलमा में 32 हाथियों का नया झुंड पहुंचा।
कुल हाथियों की संख्या 70 से अधिक हुई।
मानव-हाथी संघर्ष के कारण सफारी बंद।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी में इन दिनों हाथियों की गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। पहले से मौजूद 38 हाथियों के झुंड के बीच शुक्रवार को घाटशिला क्षेत्र से 32 और हाथियों का नया झुंड दलमा पहुंच गया है। लगातार बढ़ती संख्या से जहां वनकर्मियों में खुशी का माहौल है, वहीं सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि करीब तीन साल बाद इतने बड़े पैमाने पर हाथियों का झुंड दलमा में लौटा है। यह वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ ही मानव-हाथी संघर्ष की आशंका भी बनी हुई है, खासकर सेंदरा पर्व के दौरान।
पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल सफारी सेवा बंद
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल सफारी सेवा बंद कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वाहनों की आवाज और भीड़-भाड़ से हाथियों के व्यवहार पर असर पड़ सकता है, जिससे वे जंगल छोड़कर अन्य क्षेत्रों में जा सकते हैं या किसी प्रकार की दुर्घटना हो सकती है।
डीएफओ ने सेंदरा समिति और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे पर्व को पारंपरिक रूप से मनाएं और जंगल के भीतर प्रवेश से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति होने पर संबंधित समिति की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सेंदरा पर्व को लेकर बढ़ी चिंता
- दलमा में कुल 70 से अधिक हाथियों की मौजूदगी
- तीन साल बाद बड़े झुंड की वापसी
- सेंदरा पर्व के दौरान जंगल में लोगों की आवाजाही
- मानव-हाथी संघर्ष की आशंका
- पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सफारी सेवा बंद
- सेंदरा समिति से अपील, जंगल के अंदर न जाएं