पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया से दहशत: बोड़ाम में बच्ची की मौत के बाद दो भाई MGM में भर्ती, 1 दिन में मिले 64 नए मरीज
पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है, बोड़ाम के धोबनी गांव में एक बच्ची की मौत के बाद उसके दो भाई एमजीएम अस्पताल में भर्ती हैं। ...और पढ़ें

पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है।
HighLights
चिकित्सकों ने दोनों बच्चों में मलेरिया की पुष्टि की है।
स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच अभियान तेज किया।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है। बोड़ाम प्रखंड के धोबनी गांव में एक ही परिवार पर मलेरिया का भीषण कहर टूटा है।
दो दिन पूर्व इसी परिवार की एक पांच वर्षीय बच्ची की मलेरिया से मौत हो गई थी, जबकि अब परिवार के दो अन्य बच्चे एमजीएम (MGM) अस्पताल में जीवन-मौत से जूझ रहे हैं।
3 साल का मासूम ICU में भर्ती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब तीन वर्षीय गौर सिंह की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जिसे प्राथमिक इलाज के बाद एमजीएम अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है।
वहीं उसके 12 वर्षीय भाई सुंदर सिंह का इलाज अस्पताल के शिशु वार्ड में जारी है। चिकित्सकों ने दोनों बच्चों में मलेरिया की पुष्टि की है।
वर्तमान में एमजीएम अस्पताल के शिशु वार्ड में विभिन्न क्षेत्रों से आए कुल पांच बच्चों का मलेरिया का इलाज चल रहा है।
1 दिन में मिले 64 नए मरीज, 50 ब्रेन मलेरिया से पीड़ित
जिले में शनिवार को बड़े पैमाने पर चलाए गए जांच अभियान के तहत विभिन्न प्रखंडों में 6,666 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें 64 नए मरीजों की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नए मिले मरीजों में:
- ब्रेन मलेरिया (पी. फाल्सीपेरम): 50 मरीज
- सामान्य मलेरिया (पी. वाइवेक्स): 13 मरीज
- मिक्स मलेरिया: 01 मरीज
अत्यधिक खतरनाक माने जाने वाले ब्रेन मलेरिया के मामलों में हो रही लगातार वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, त्वरित जांच और दवा वितरण अभियान तेज कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि तेज बुखार, कंपकंपी या अत्यधिक कमजोरी के लक्षण दिखने पर बिना देरी किए नजदीकी केंद्र में जांच कराएं।