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    माफिया डॉन अखिलेश सिंह नेटवर्क पर ED की दबिश: रोहतक में बीयर फैक्ट्री व पैकेजिंग प्लांट पर छापा

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 10:55 PM (IST)

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हवाला लेनदेन से जुड़े मामले में माफिया डॉन अखिलेश सिंह के कारोबारी नेटवर्क पर शिकंजा कसा है। जांच एजेंसी ने हरियाणा के रोहत ...और पढ़ें

    जांच एजेंसी ने रोहतक स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बीयर फैक्ट्री, बॉटलिंग और पैकेजिंग प्लांट पर दबिश दी।

    जांच एजेंसी ने रोहतक स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बीयर फैक्ट्री, बॉटलिंग और पैकेजिंग प्लांट पर दबिश दी।

    HighLights

    1. रोहतक में बीयर फैक्ट्री पर छापा, 150 करोड़ का हवाला।

    2. जांच के तार पंजाब, छत्तीसगढ़ तक फैले।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हवाला लेनदेन से जुड़े मामले में दुमका जेल में बंद माफिया डॉन अखिलेश सिंह के कारोबारी नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है। 
     
    जांच एजेंसी की टीम ने हरियाणा के रोहतक स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बीयर फैक्ट्री, बॉटलिंग और पैकेजिंग प्लांट पर अचानक दबिश दी।
     
    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने इस मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पिछले एक वर्ष की पड़ताल के दौरान जांच एजेंसी को लगभग 150 करोड़ रुपये के अवैध हवाला लेनदेन से जुड़ी अहम जानकारियां और सबूत मिले हैं। 
     
    शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क विशेष नोट नंबरों और संदिग्ध वित्तीय माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था।
     
    देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या के बाद इस प्रकरण में ईडी की यह अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। 
     
    जांच एजेंसी को इस हवाला नेटवर्क के तार पंजाब के लुधियाना और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर कोल ब्लॉक क्षेत्र तक फैले होने के संकेत मिले हैं। एजेंसी अब इन सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।
    गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व संबंधित मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब ईडी ने नए सिरे से अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। 
     
    इसके तहत वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड्स, कंपनियों के शेयर दस्तावेज और विभिन्न डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। 
     
    हालांकि, इस हालिया कार्रवाई के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।