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    जादूगोड़ा कैंप में मलेरिया का प्रकोप: 2 जवान और 1 ग्रामीण ब्रेन मलेरिया से पीड़ित

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 12:00 AM (IST)

    पूर्वी सिंहभूम के जादूगोड़ा स्थित सीआरपीएफ कैंप में दो जवानों और एक ग्रामीण में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। ...और पढ़ें

    AI Generated Image.

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    HighLights

    1. जादूगोड़ा सीआरपीएफ कैंप में दो जवान ब्रेन मलेरिया से पीड़ित।

    2. एक ग्रामीण भी ब्रेन मलेरिया की चपेट में, इलाज जारी।

    3. पूर्वी सिंहभूम में 36 नए मलेरिया संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर । पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। अब इसकी चपेट में सुरक्षा बल के जवान भी आ गए हैं।

    जादूगोड़ा स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात दो जवानों में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन अलर्ट हो गया है।

    दोनों जवानों को तेज बुखार और तबीयत बिगड़ने की शिकायत के बाद एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    एमजीएम अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि भर्ती दोनों जवानों की ब्लड जांच में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई है। सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार का इलाज अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में चल रहा है।

    उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा गया है। डाक्टर उन्हें आइसीयू में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे हैं।

    वहीं दूसरे जवान ओम प्रकाश पासवान का इलाज मेडिकल वार्ड में चल रहा है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उपचार जारी है।

    इसके साथ ही, कूदलूंग गांव निवासी 20 वर्षीय वीरेन सबर को भी एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच के दौरान उसमें भी ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई।

    डाक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। जिला स्वास्थ्य विभाग की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में 8,591 लोगों की मलेरिया जांच की गई।

    जांच में 36 नए संक्रमित मिले। इनमें सबसे अधिक 11 मरीज पोटका प्रखंड से मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित गांवों में विशेष सर्वे, दवा वितरण, मच्छर नियंत्रण और जागरूकता अभियान चला रहा है।

    सिविल सर्जन डा. साहिर पाल ने लोगों से अपील की है कि बुखार, कंपकंपी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, क्योंकि समय पर इलाज से मलेरिया जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।