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    अब और नहीं सहेगा कुलामारा! क्रोजाइड की ब्लास्टिंग से दहले घर, तो ग्रामीणों ने खुद कर दी खदान सील

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 03:14 PM (IST)

    झारखंड के जादूगोड़ा स्थित कुलामारा के ग्रामीणों ने क्रोजाइड खदान को सील कर दिया है। ग्राम प्रधान मनोरंजन सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई ब्लास्टिंग से ...और पढ़ें

    क्रोजाइड खदान की तस्‍वीर।

    क्रोजाइड खदान की तस्‍वीर।

    HighLights

    1. ब्लास्टिंग से घरों, स्कूल में दरारें और सुरक्षा खतरे।

    2. 19 साल पुरानी खदान 40-50 मीटर गहरी, अवैध परिवहन आरोप।

    संवाद सूत्र, जादूगोड़ा। झारखंड के जादूगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुलामारा के जंगलों में संचालित क्रोजाइड खदान के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार देर शाम ग्राम प्रधान मनोरंजन सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में आदिवासियों ने खदान को पूरी तरह सील कर दिया। 
     
    प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क पर पत्थर बिछाकर और बैरिकेडिंग कर आवागमन को ठप कर दिया है। जिससे प्रतिदिन होने वाली 10 हाइवा पत्थरों की निकासी रुक गई है।
     

    19 सालों से गहराता संकट

    ग्राम प्रधान मनोरंजन सिंह के अनुसार, पोंडा कोचा के घने जंगलों में यह खदान पिछले 19 वर्षों से चल रही है। वर्तमान में इसकी गहराई 40 से 50 मीटर तक पहुंच चुकी है, जो अब स्थानीय निवासियों के लिए काल बन रही है। 
     
    ग्रामीणों का आरोप है कि भारी ब्लास्टिंग के कारण माटीगोडा पंचायत के कुलामारा गांव स्थित सरकारी स्कूल की दीवारों में दरारें आ गई हैं। इतना ही नहीं, धमाकों के दौरान पत्थर उड़कर लोगों के घरों की छतों तक पहुंच रहे हैं, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
     

    ग्राम सभा का बहिष्कार और ग्रामीणों का डर

    ग्रामीण सोना राम हेंब्रम और मझिया बास्के ने बताया कि खदान की गहराई और सुरक्षा घेरा न होने के कारण बारिश के मौसम में इंसानों और मवेशियों के गिरने का डर बना रहता है। 
     
    इस गंभीर समस्या को लेकर रविवार को एक ग्राम सभा आयोजित की गई थी, जिसमें लीज धारक सुरू सिंह को भी बुलाया गया था। लेकिन लीज धारक के अनुपस्थित रहने पर ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से अगली ग्राम सभा की मंजूरी तक खनन कार्य को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया।
     

    पुलिस की धमकी और अवैध परिवहन के आरोप

    ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने पर उन्हें पुलिस की धमकी देकर चुप करा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस खदान से निकलने वाला क्रोजाइड पत्थर जमशेदपुर और घाटशिला समेत कई जिलों में भेजा जाता है। 
     
    जानकारी के अनुसार, पोंडा कोचा निवासी सरू सिंह के नाम पर लीज है, जबकि घाटशिला (मऊ भंडार) के एक व्यवसायी द्वारा इसकी आपूर्ति कंपनियों को की जाती है। भारी वाहनों (हाइवा) के चलने से गांव की सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं। फिलहाल, क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति है और ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर अडिग हैं।