जमशेदपुर में नशे के खिलाफ रैली निकालने पर आफताब को अपराधियों ने मारी 8 से अधिक गोलियां, कोलकाता रेफर
जमशेदपुर में शांति समिति सदस्य आफताब आलम पर नशे के खिलाफ रैली निकालने के बाद अपराधियों ने 8 से अधिक गोलियां चलाईं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। ...और पढ़ें

गोलीचालन की प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
नशे के खिलाफ रैली निकालने पर हमलावरों ने मारी गोलियां।
गंभीर हालत में कोलकाता रेफर, पुलिस कर रही जांच।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड में जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित एफसीआई (FCI) गोदाम से सटे सी यार्ड में रविवार देर रात अपराधियों ने शांति समिति के सक्रिय सदस्य आफताब आलम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हमले में आफताब को आठ से अधिक गोलियां लगी हैं। गंभीर रूप से घायल आफताब को तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए कोलकाता के फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटनास्थल से 11 खोखे बरामद, दौड़ाकर मारी गोलियां
घटनास्थल से पुलिस ने 11 खोखे बरामद किए हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमलावरों ने कई राउंड अंधाधुंध फायरिंग की। घायल के सीने के नीचे, पेट, पीठ, बाएं हाथ सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में गोलियां लगी हैं।
पीड़ित आफताब सी यार्ड में ठेकेदारी का काम करता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार देर रात आफताब आलम अपने साथी अमजद, फिरोज और अन्य लोगों के साथ सी यार्ड के पास बैठा था।
इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। हथियार लहराते हुए उन्होंने आफताब के साथियों को वहां से दूर हटने को कहा।
इसके बाद हमलावरों ने आफताब को दौड़ा-दौड़ाकर उस पर लगातार गोलियों की बौछार कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अपराधी तब तक फायरिंग करते रहे, जब तक वह लहूलुहान होकर जमीन पर नहीं गिर पड़ा।
नशा विरोधी रैली से नाराजगी का आरोप
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर असलहा लहराते हुए मौके से फरार हो गए। घायल के भाई का आरोप है कि बर्मामाइंस थाना प्रभारी के आग्रह पर शनिवार को कैरेज कॉलोनी मुस्लिम बस्ती में नशे के विरुद्ध एक जागरूकता रैली निकाली गई थी।
जिसमें आफताब ने मुख्य भूमिका निभाई थी। स्वजनों का दावा है कि इसी रैली से बौखलाकर मादक पदार्थों के धंधे में लिप्त अपराधियों ने अगले ही दिन योजनाबद्ध तरीके से आफताब पर जानलेवा हमला कराया।
12 थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा, FSL की टीम जांच में जुटी
हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस दावे की सत्यता की जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी ललित मोहन मीणा के नेतृत्व में 12 थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन जांच शुरू की।
फॉरेंसिक (FSL) टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में भोंदू, इरफान, उदय, अयान समेत अन्य अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है।
मामले में मुख्य आरोपी के रूप में भोंदू का नाम सामने आ रहा है। पुलिस सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों व आरोपियों के स्वजनों को हिरासत में लिया है।
टीएमएच और थाने पर देर रात तक प्रदर्शन
वारदात के बाद टीएमएच अस्पताल और बर्मामाइंस थाना परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व आक्रोशित ग्रामीण जुट गए। लोगों ने अपराधियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर रात तक हंगामा व प्रदर्शन किया।
अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, पुरानी रंजिश और अन्य सभी कोणों से मामले की गहनता से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।