मातृ-शिशु मृत्यु दर पर नकेल की तैयारी: बहरागोड़ा से पोटका तक एमटीसी सेंटरों में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने का आदेश
जमशेदपुर जिला प्रशासन ने ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, मलेरिया जांच तेज करने और मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने के निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक हुई।
HighLights
मलेरिया जांच अभियान में तेजी, अब तक 3 लाख लोगों की जांच।
मातृ-शिशु मृत्यु दर नियंत्रण, MTC बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
हाल ही में पोटका प्रखंड में फैले ब्रेन मलेरिया के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य सर्विलांस को बेहद मजबूत किया है। जिले में अब तक रिकॉर्ड करीब 3 लाख लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इस जांच अभियान की गति किसी भी हाल में धीमी नहीं पड़नी चाहिए। बैठक के दौरान मिर्गी रोगियों के बेहतर इलाज और इससे जुड़े सामाजिक कलंक को मिटाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'प्रोजेक्ट उल्लास' की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने मरीजों की सतत निगरानी करने और विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सामाजिक व व्यावसायिक संस्थाओं के सहयोग से प्रति माह कम से कम 10 रक्तदान शिविर आयोजित करने का लक्ष्य तय किया गया।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
वहीं कुपोषण प्रबंधन के लिए बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी और पोटका स्थित कुपोषण उपचार केंद्रों (MTC) में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला स्तरीय वरिष्ठ चिकित्सक और सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) मुख्य रूप से उपस्थित रहे।