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    ₹46.61करोड़ का कर्ज और गिरता राजस्व: जमशेदपुर एफसी बंद होने की पूरी इनसाइड स्टोरी

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 05:34 PM (GMT+05:30)

    जमशेदपुर एफसी का बंद होना वित्तीय संकट का परिणाम है, जहां नेटवर्थ माइनस ₹46.61 करोड़ तक पहुंच गया था। लगातार घाटे और ISL सेंट्रल राइट्स से आय में भारी ...और पढ़ें

    ISL सेंट्रल राइट्स से कमाई 21 करोड़ से गिरकर 32 लाख हुई, जेएफसी पर लगा ताला।

    ISL सेंट्रल राइट्स से कमाई 21 करोड़ से गिरकर 32 लाख हुई, जेएफसी पर लगा ताला।

    HighLights

    1. क्लब का नेटवर्थ माइनस ₹46.61 करोड़ तक पहुंचा।

    2. ISL आय ₹21 करोड़ से ₹32 लाख तक गिरी।

    3. लगातार घाटे और गिरते राजस्व ने क्लब बंद कराया।

    जासं, जमशेदपुर। जमशेदपुर एफसी (JFC) के अचानक बंद होने के फैसले से जहां खेल जगत स्तब्ध है, वहीं अब इस कड़े कदम के पीछे की असली वित्तीय सच्चाई उजागर हो गई है। 
     
    टाटा स्टील का यह निर्णय रातों-रात नहीं लिया गया, बल्कि क्लब लंबे समय से वित्तीय वेंटिलेटर पर था। वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट के सनसनीखेज खुलासे बताते हैं कि क्लब का नेटवर्थ माइनस 46.61 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। 
     

    ऑडिट रिपोर्ट में खतरे की घंटी: नेटवर्थ माइनस 46.61 करोड़ 

    लगातार हो रहे भारी घाटे के कारण ऑडिटर ने पहले ही कंपनी के अस्तित्व को लेकर गंभीर चेतावनी दे दी थी। पीके बर्मन एंड कंपनी द्वारा 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट के पन्ने जेएफसी की बदहाली की गवाही दे रहे हैं। 
     
    रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से 'महत्वपूर्णअनिश्चितता' का जिक्र करते हुए कहा गया था कि लगातार हो रहे आपरेटिंग घाटे और नकारात्मक नेटवर्थ के कारण कंपनी के अस्तित्व पर गंभीर संकट है।
     
    आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में क्लब को 6.56 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो 2025-26 में भी 4.40 करोड़ रुपये बना रहा।
     
    सौ प्रतिशत टाटा स्टील के स्वामित्व वाली इस कंपनी (कुल 4.08 करोड़ इक्विटी शेयर) के लिए दो साल में हुए 10 करोड़ से ज्यादा के शुद्ध घाटे की भरपाई करना लगातार मुश्किल हो रहा था। 
     
    खर्चों के मुकाबले बेहद कम कमाई ने कॉरपोरेट प्रबंधन को कड़ा फैसला लेने पर मजबूर कर दिया। फुटबॉल के मैदान पर अपनी चमक बिखेरने वाली जमशेदपुर एफसी की वित्तीय रीढ़ उसकी कमाई के साधनों ने ही तोड़ दी। 
     

    ISL सेंट्रल राइट्स से कमाई धड़ाम: 21 करोड़ से 32 लाख पर सिमटी 

    2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि टीम के कुल राजस्व में एक साल के भीतर लगभग 23 करोड़ रुपये की भारी-भरकम गिरावट दर्ज की गई। 
     
    2024-25 में क्लब का कुल राजस्व 54.36 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में घटकर 31.95 करोड़ रुपये रह गया।
     
    सबसे बड़ा झटका आईएसएल सेंट्रल राइट्स से मिलने वाली आय में लगा। 2024-25 में जेएफसी को सेंट्रल राइट्स से 21.24 करोड़ रुपये की शानदार आय हुई थी। 
     
    लेकिन 2025-26 के सीजन में यह कमाई धड़ाम से गिरकर महज 32.37 लाख रुपये रह गई। इस एक झटके ने क्लब का पूरा बजट बिगाड़ कर रख दिया।
     

    मैच टिकट और स्पॉन्सरशिप में भी निराशा

    राजस्व का बड़ा स्रोत मानी जाने वाली टिकट बिक्री और स्पॉन्सरशिप से भी निराशा हाथ लगी। जहां 2024-25 में मैच टिकटों से 55 लाख रुपये की कमाई हुई थी, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा मात्र 21.49 लाख रुपये पर सिमट गया।  
    स्पॉन्सरशिप से होने वाली आय भी 29.97 करोड़ से घटकर 26.80 करोड़ रुपये रह गई। लगातार गिरते ग्राफ ने प्रबंधन को स्पष्ट कर दिया कि इस मॉडल के साथ आईएसएल में बने रहना वित्तीय रूप से आत्मघाती है।