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    निकाय चुनाव : 23 को किस्मत का फैसला; जुगसलाई में गिरिराज सिंह का हुंकार, मानगो में पसीना बहा रहे दिग्गज

    Updated: Sat, 21 Feb 2026 01:42 PM (IST)

    जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में निकाय चुनाव का माहौल गरमाया हुआ है, मतदान में अब सिर्फ 48 घंटे शेष हैं। भाजपा और एनडीए ने जुगसलाई और मानगो में अपनी ...और पढ़ें

    जमशेदपुर नगर निकाय चुनाव के लिए प्रचार करते कार्यकर्ता।

    जमशेदपुर नगर निकाय चुनाव के लिए प्रचार करते कार्यकर्ता।

    HighLights

    1. बन्ना गुप्ता मानगो में घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं।

    2. भीषण तपिश के बावजूद नेताओं के हौसले पस्त नहीं हुए।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड निकाय चुनाव के शोर के बीच जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। लोकतंत्र के इस महापर्व में अब महज 48 घंटों का फासला बचा है।
     
    23 फरवरी को मतदाता मतपेटियों में प्रत्याशियों की किस्मत कैद करेंगे, लेकिन उससे पहले मानगो, जुगसलाई, आदित्यपुर और कपाली की गलियों में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शुक्रवार की भीषण तपिश के बावजूद नेताओं के हौसले पस्त नहीं हुए और जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया गया।

    एनडीए का ब्रह्मास्त्र: रोड शो और बूथ मैनेजमेंट 

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए ने अपने प्रत्याशियों रिंकू सिंह (जुगसलाई) और संध्या सिंह (मानगो) की नैया पार लगाने के लिए अपनी पूरी फौज मैदान में उतार दी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को जुगसलाई की सड़कों पर मेगा रोड शो कर माहौल को पूरी तरह भगवामय कर दिया।

    मानगो में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह एक कुशल रणनीतिकार की भूमिका में दिखे। उन्होंने जीत का मूल मंत्र देते हुए कहा क‍ि जीत का रास्ता बड़ी सभाओं से नहीं, बल्कि पोलिंग बूथों की मजबूती से होकर गुजरता है। इस दौरान जदयू नेता राजा पीटर ने भी अपने खास अंदाज में एनडीए के पक्ष में हुंकार भरी।

    पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता का बदला अंदाज 

    दूसरी ओर, मानगो की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरे बन्ना गुप्ता इस बार एक अलग ही अवतार में नजर आ रहे हैं। जो बन्ना कभी गाड़ियों के लंबे काफिले और समर्थकों के हुजूम के साथ चलते थे, वे आज अपनी पत्नी सुधा गुप्ता के लिए 'एकला चलो रे' की राह पर हैं।

    बन्ना गुप्ता बिना किसी तामझाम के, पैदल ही घर-घर जाकर पर्चे बांट रहे हैं और मतदाताओं से सीधा संवाद कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह उनकी कोई गहरी चुनावी रणनीति है या फिर जनता के बीच सहानुभूति बटोरने का सियासी दांव। उन्हें अपने पुराने दुर्ग (मुस्लिम वोट बैंक) और निष्ठावान मतदाताओं पर अब भी अटूट भरोसा है। 

    मैदान में डटे दिग्गज: जनसंपर्क का धुआंधार दौर 

    प्रचार के अंतिम दौर में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता। रांची के सांसद संजय सेठ ने मानगो के पोस्ट ऑफिस और गुरुद्वारा रोड में सघन जनसंपर्क किया। वहीं, ऊर्जा से लबरेज पूर्णिमा साहू ने भी धुआंधार दौरा कर मतदाताओं की नब्ज टटोली।
     
    पूर्णिमा ने मानगो के दाईगुट्टू से लेकर जुगसलाई की साहू गली और नया बाजार तक अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। नेताओं के पैर थक नहीं रहे और वादों की पोटली अभी भी भरी हुई है। 

    क्या कहती है जमशेदपुर की जनता? 

    नेताओं के दावों के बीच मतदाता फिलहाल मौन हैं। मानगो चौक पर चाय की चुस्की लेते 65 वर्षीय दीनदयाल कहते हैं क‍ि बेटा, ई चुनाव है, यहां नेताजी लोग अभी दंडवत कर रहे हैं, पर जनता सब देख रही है कि कौन सुख-दुख का साथी है।
     
    वहीं, युवा मतदाता रजत ने चुटकी लेते हुए कहा क‍ि अभी तो सब पर्चा बांट रहे हैं, 23 को जनता काम का हिसाब मांगेगी। कुल मिलाकर चुनाव दलिचस्‍प हो गया है।