टुसू की विदाई और मकर की डुबकी में घुले लोक-संस्कृति के अनूठे रंग, जमशेदपुर में चौड़ल और मुर्गा लड़ाई का दिखा रोमांच
जमशेदपुर में मकर संक्रांति और टुसू पर्व पर स्वर्णरेखा-खरकई संगम सहित विभिन्न घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। उदया तिथि के कारण पर् ...और पढ़ें

बुधवार को सोनारी दोमुहानी में आयोजित मकर मेला में उमड़ी लोगों की भीड़।
HighLights
हजारों श्रद्धालुओं ने स्वर्णरेखा-खरकई संगम पर पुण्य की डुबकी लगाई।
उदया तिथि के कारण पर्व का उल्लास 48 घंटे तक रहेगा।
घाटों पर आस्था का संगम: स्वर्णरेखा हुई 'स्वर्णमयी'
बुधवार की सुबह नदी के ऊपर कोहरे की झीनी चादर लिपटी हुई थी, लेकिन जैसे ही सूर्य की पहली किरण स्वर्णरेखा के पानी पर पड़ी, नदी का जल सचमुच सोने जैसा चमकने लगा।
प्रमुख घाटों का नजारा
- दोमुहानी (सोनारी): यहां स्वर्णरेखा और खरकई का संगम स्थल श्रद्धा का मुख्य केंद्र रहा।
- बड़ौदा घाट (बागुबेड़ा): यहां सुबह 4 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं।
- मानगो और बेली बोधनवाला घाट: इन घाटों पर भी तिल रखने की जगह नहीं थी।
टुसू पर्व: लोक-संस्कृति के सतरंगी रंगों में डूबी लौहनगरी
भव्य चौड़ल और विसर्जन
मुर्गा लड़ाई का रोमांच
घाट से घर तक: खान-पान और रिश्तों की मिठास
दोमुहानी संगम पर भव्य टुसू मेला: दिग्गजों का जमावड़ा
झारखंड सांस्कृतिक कला केंद्र द्वारा दोमुहानी संगम पर भव्य टुसू मेले का आयोजन किया गया। इस मौके पर शहर के कई राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज शामिल हुए।
सांसद बिद्युत बरण महतो ने कहा कि मकर और टुसू पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान है। इसे संजोए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, अन्यथा हम अपनी जड़ें खो देंगे।
विधायक सरयू राय ने दोमुहानी संगम स्थल को एक अद्वितीय और ऐतिहासिक स्थल बताते हुए इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि टुसू यहां की परंपरा है। कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुमन महतो, कुणाल षाडंगी, हिदायतुल्ला खान, मोहन कर्मकार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
खबरें और भी
प्रतियोगिता और पुरस्कार: कला का सम्मान
ये रहे विजेता
- स्थान विजेता का नाम क्षेत्र पुरस्कार राशि
- प्रथम जगन्नाथ महतो राजनगर 35,000
- द्वितीय धनंजय महतो पदपसाई 30,000
- तृतीय सोहरी महतो राजनगर 25,000
- चतुर्थ राजेश घाटशिला 21,000
- पंचम डॉ. गोराई उज्जवलपुर 15,000


