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    जमशेदपुर और आसपास बढ़ा मलेरिया का खतरा: 43 मरीज ब्रेन मलेरिया से पीड़ित, स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 11:55 PM (IST)

    पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया के 58 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 43 मरीज ब्रेन मलेरिया (पी. फाल्सीपेरम) से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित ...और पढ़ें

    AI Generated Image.

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    HighLights

    1. पूर्वी सिंहभूम में 58 नए मलेरिया मरीज मिले।

    2. इनमें से 43 मरीज ब्रेन मलेरिया से पीड़ित हैं।

    3. पोटका प्रखंड में सर्वाधिक 22 नए मामले दर्ज।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में चलाए जा रहे मलेरिया नियंत्रण अभियान के तहत गुरुवार को कुल 6,781 लोगों की जांच की गई, जिसमें 58 नए मरीजों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है। 
     
    चिंताजनक बात यह है कि कुल मरीजों में से 43 मरीज पी. फाल्सीपेरम (ब्रेन मलेरिया) के पाए गए हैं। वहीं, 13 मरीजों में पी. विवैक्स तथा दो मरीजों में मिक्स्ड (दोहरे) संक्रमण की पुष्टि हुई है।
     

    पोटका प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित

    जिले में सबसे खराब स्थिति पोटका प्रखंड की रही, जहां अकेले 22 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा पटमदा में 9, घाटशिला में 7, मुसाबनी में 7, दुमरिया में 6, सदर अस्पताल में 5, जबकि धालभूमगढ़ और जुगसलाई में 1-1 नया मामला सामने आया है। 
     
    राहत की बात यह रही कि बहरागोड़ा, चाकुलिया, अर्बन मानगो और अर्बन बिरसानगर क्षेत्रों में गुरुवार को कोई भी नया मरीज नहीं मिला।
     

    प्रखंडवार नए मामलों का आंकड़ा

          प्रखंड / क्षेत्र    नए मरीज
    • पोटका              22
    • पटमदा             09
    • घाटशिला           07
    • मुसाबनी            07
    • दुमरिया             06
    • सदर अस्पताल     05
    • धालभूमगढ़         01
    • जुगसलाई           01
     

    स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गुरुवार को कुल 6,781 नमूनों में से 6,436 की जांच 'रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट' (RDT) और 345 की जांच ब्लड स्लाइड के माध्यम से की गई।

    मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर सर्वे, मुफ्त दवा वितरण, मच्छररोधी छिड़काव और जागरूकता अभियान चला रही हैं। 
     
    स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करें।