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    पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया से अब तक 7 की मौत; 11 दिन में 52 हजार जांच के बाद भी रफ्तार बेकाबू

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 10:21 PM (IST)

    पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का प्रकोप थम नहीं रहा है, बुधवार को दो और मौतों के साथ कुल संख्या सात हो गई है।  11 दिनों में 52,480 जांच के बावजूद नए मामल ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. बुधवार को 128 नए मरीज, 98 ब्रेन मलेरिया के।

    2. स्वास्थ्य विभाग ने जलजमाव रोकने और जांच कराने की अपील की।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को दो और मरीजों की मौत के बाद जिले में मलेरिया से जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर सात पहुंच गई है। 
     
    लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालात इतने गंभीर हैं कि बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाने के बावजूद हर दिन संक्रमण के नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है।
     

    इलाज के दौरान दो और मरीजों ने तोड़ा दम 

    बुधवार को एमजीएम थाना क्षेत्र के तुरियाबेड़ा निवासी मेरी बंडारा (50) का टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में निधन हो गया। वह मलेरिया के साथ निमोनिया और पीलिया से भी पीड़ित थीं। 
     
    पहले उन्हें मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर दो जुलाई को टीएमएच रेफर किया गया था। इस गरीब परिवार की मदद के लिए सांसद जोबा मांझी ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद टीएमएच प्रबंधन ने इलाज का पूरा बिल माफ कर दिया।
     
    वहीं, दूसरी मौत पोटका निवासी गणेश सरदार की पांच वर्षीय बेटी राखी सरदार की हुई। पांच जुलाई को उसे सदर अस्पताल से गंभीर हालत में एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया था, जहां जांच में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई थी। वेंटिलेटर पर रहने के बावजूद बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।
     

    ब्रेन मलेरिया बना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बुधवार को रिकॉर्ड 12,518 लोगों की जांच की गई, जिसमें 128 नए मरीज मिले। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें 98 मरीज ब्रेन मलेरिया के हैं और केवल 28 सामान्य मलेरिया के हैं। 
     
    लगातार ब्रेन मलेरिया के अधिक मामले सामने आने से चिकित्सकों की चिंता बढ़ गई है। बीते 11 दिनों में अब तक 52,480 लोगों की जांच की जा चुकी है। 
     

    पिछले 10 दिनों के आंकड़े 

    हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि गांव-गांव स्क्रीनिंग, दवा वितरण, जागरूकता अभियान और फागिंग का काम तेज कर दिया गया है। जिले में संक्रमण की दैनिक रफ्तार लगातार बनी हुई है, जिसे नीचे दिए गए आंकड़ों से समझा जा सकता है: 
    •     29 जून:    48 मरीज
    •     30 जून:    101 मरीज
    •     01 जुलाई: 320 मरीज
    •     02 जुलाई: 255 मरीज
    •     03 जुलाई: 121 मरीज
    •     04 जुलाई: 221 मरीज
    •     05 जुलाई: 108 मरीज
    •     06 जुलाई: 88 मरीज
    •     07 जुलाई: 112 मरीज
    •     08 जुलाई: 128 मरीज


    स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में अलर्ट जारी किया है और लोगों से जलजमाव न होने देने तथा बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।