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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Anuj Kanojiya Encounter: अनुज कनौजिया को संरक्षण देने वाला पिंटू सिंह गिरफ्तार, पूछताछ में खुलेंगे ये बड़े राज

    Updated: Sat, 05 Apr 2025 11:33 AM (GMT+05:30)

    गोविंदपुर में हुई मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात अपराधी अनुज कनौजिया को संरक्षण देने वाले चिंटू सिंह को जमशेदपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चिंटू की ग ...और पढ़ें

    जमशेदपुर पुलिस ने चिंटू सिंह को किया गिरफ्तार
    जमशेदपुर पुलिस ने चिंटू सिंह को किया गिरफ्तार

    HighLights

    1. गोविंदपुर में मारे गए अपराधी को संरक्षण देने वाला चिंटू सिंह गिरफ्तार
    2. चिंटू की गिरफ्तारी से सुलझेगी कई गुत्थी, कब-क्या हुआ खुलेगा राज

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। उत्तर प्रदेश के वांटेड अपराधी अनुज कनौजिया को गोविंदपुर अमलताश सिटी के भूमिहार मेंशन में संरक्षण देने वाला मानगो पारडीह निवासी शशि शेखर उर्फ चिंटू सिंह जमशेदपुर अदालत के बाहर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने बताया कि वह कुछ दबंगों की दबंगई के कारण वांटेड को भूमिहार मेंशन में ठहराया था।

    अदालत के बाहर से पुलिस ने किया गिरफ्तार

    अब पुलिस उसके माध्यम से अनुज के सहयोगियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हालांकि, पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से बच रही है। दरअसल, चिंटू सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने उसके स्वजन पर दबाव बना रखा था।

    उसके पिता को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद शशि शेखर पुलिस को चकमा देकर जमशेदपुर अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचा था,

    चिंटू सिंह के विरुद्ध कोई मामला नहीं रहने के कारण वो आत्मसमर्पण नहीं कर पाया। वह अदालत परिसर से जैसे ही बाहर निकला, पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।

    इन सवालों के मिलेंगे जवाब

    उसकी गिरफ्तारी से कई गुत्थी सुलझेगी, साथ ही ये पता चलेगा कि किसके कहने पर उसने अपराधी को संरक्षण दिया था? कौन-कौन लोग भूमिहार मेंशन में आते-जाते थे? हथियार और बम कहां से आए?

    गणेश गोप की जमीन पर चिंटू सिंह ने किया कब्जा

    चिंटू सिंह की गिरफ्तारी के बाद सफेदपोश, नेता और अपराधी के गठजोड़ की जानकारी मिलने की संभावना है। सूचना है कि 60 दिनों से वांटेड भूमिहार मेंशन में ठहरा हुआ था। पुलिस को अमलताश सिटी के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि जमीन गणेश गोप की थी, चिंटू उसके साथ आता-जाता था।

    मुठभेड़ के बाद से फरार था चिंटू सिंह

    गणेश की मौत के बाद उसने जमीन पर कब्जा कर लिया। बता दे कि मुठभेड़ की घटना के बाद से चिंटू फरार था। पुलिस ने घटना के दिन कार चालक राहुल सिंह राजपूत को हिरासत में लिया था। यूपी एसटीएफ के अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने मुठभेड़ में मारे गए अपराधी और अज्ञात पांच के विरुद्ध गोविंदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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