जमशेदपुर पुलिस का 'लेग शॉट' फॉर्मूला अपराधियों पर भारी, शब्बे सहित चार बदमाश पैर में गोली मार दबोचे
जमशेदपुर पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में एक नया पैटर्न सामने आया है, जहां मुठभेड़ों में बदमाशों के पैर में गोली लगती है। राहुल सिंह हत्याकांड ...और पढ़ें

राहुल बच्चा हत्याकांड के आरोपित ने पुलिस पर तानी थी यही पिस्तौल। (फोटो: जागरण)
HighLights
जमशेदपुर पुलिस की मुठभेड़ों में अपराधियों के पैर में गोली।
राहुल सिंह हत्याकांड के आरोपी शब्बे भी पैर में घायल।
यह चौथा बड़ा मामला, पुलिस की आक्रामक कार्रवाई चर्चा में।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। शहर में अपराधियों के खिलाफ जमशेदपुर पुलिस की कार्रवाई इन दिनों सुर्खियों में है। बीते कुछ महीनों में हुई पुलिस मुठभेड़ों का रिकॉर्ड देखें तो एक दिलचस्प समानता सामने आती है। हर बड़े एनकाउंटर में पुलिस की गोली अपराधियों के पैर या जांघ में लगी है।
ताजा मामला राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा हत्याकांड के मुख्य आरोपित साहेब उर्फ शब्बे का है, जो गुरुवार तड़के हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, राहुल सिंह हत्याकांड में आत्मसमर्पण करने के बाद शब्बे ने पूछताछ में बताया था कि हत्या में प्रयुक्त दो पिस्तौल उसने मानगो के स्मृति पार्क में छिपा रखी हैं।
हथियार बरामद कराने पहुंची पुलिस टीम के सामने उसने अचानक एक पिस्तौल उठाकर फायरिंग का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में आत्मरक्षा के तहत पुलिस ने उसके पैर पर गोली चलाई। घायल शब्बे को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
इस घटना के साथ ही हालिया दिनों में यह चौथा बड़ा मामला बन गया, जिसमें पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी। इससे पहले सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में चेन छिनतई करने वाले अपराधी को पुलिस ने मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। आरोपी पुलिस टीम पर हमला कर भागने की कोशिश कर रहा था।
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गोपला को इसी तरह दबोचा था
इसी तरह सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के शूटर रवि महानंद उर्फ गोपला को पुलिस ने 25 अक्टूबर 20250 मुठभेड़ के बाद दबोचा था। उस कार्रवाई में भी आरोपी के पैर में गोली लगी थी।
पुलिस ने उसे लंबे समय से वांछित अपराधी बताते हुए कई मामलों में उसकी तलाश की बात कही थी। वहीं चर्चित उद्यमी कैरव गांधी अपहरण कांड में भी पुलिस ने पीछा कर एक अपहरणकर्ता रमीज को मुठभेड़ में घायल किया था।
उस कार्रवाई में गोली आरोपी की जांघ में लगी थी। इसके बाद पुलिस ने पूरे अपहरण गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कई आरोपितों को गिरफ्तार किया था। लगातार सामने आए इन मामलों के बाद शहर में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान उद्देश्य अपराधियों को मारना नहीं, बल्कि उन्हें निष्क्रिय कर सुरक्षित तरीके से गिरफ्तार करना होता है। इसलिए परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित फायरिंग की जाती है।
वहीं, हर मुठभेड़ के बाद पुलिस की कार्रवाई की वैधानिक जांच भी कराई जाती है। राहुल सिंह हत्याकांड में पुलिस अब फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि इस हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।