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    टुईलाडुंगरी से हरिणा मुक्तेश्वर धाम तक भक्ति का सैलाब: कलश यात्रा, रुद्राभिषेक और महाआरती से महके शिवालय

    By Ch Rao Edited By: Sanjeev Kumar
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 07:11 PM (IST)

    कोल्हान क्षेत्र में सावन की पहली सोमवारी पर शिवभक्ति का अद्भुत नजारा दिखा, जहां जमशेदपुर, पोटका और चांडिल के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. कोल्हान में सावन की पहली सोमवारी पर शिवभक्ति का रंग।

    2. जमशेदपुर, पोटका, चांडिल के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़।

    3. जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, कलश यात्राओं से गूंजे शिवालय।

    जाटी, जमशेदपुर/पोटका/चांडिल। सावन मास की पहली सोमवारी के अवसर पर सोमवार को पूरा कोल्हान क्षेत्र शिवभक्ति के अनूठे रंग में रंगा नजर आया। 
     
    तड़के भोर से ही जमशेदपुर शहर, पोटका प्रखंड और चांडिल स्थित ऐतिहासिक शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गगनभेदी जयघोष से पूरे दिन मंदिर परिसर गुंजायमान रहे। 
     
    श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की।
     

    जमशेदपुर: तड़के से देर शाम तक चला जलाभिषेक का क्रम

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    जमशेदपुर शहर के अधिकांश शिव मंदिरों के कपाट सुबह 5 बजे खुलते ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक निरंतर चलता रहा। 

    बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्वर्णरेखा नदी और दोमुहानी घाट सहित विभिन्न पवित्र जलस्रोतों से कलश में जल भरकर नंगे पांव मंदिरों तक पहुंचे। कई स्थानों से गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के साथ भव्य कलश यात्राएं भी निकाली गईं।
     

    पारंपरिक परिधानों में पहुंचे श्रद्धालु

    मंदिरों में भगवान भोलेनाथ को जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, शहद, बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद पुष्प, अक्षत, धूप और दीप अर्पित कर विधि-विधान से पूजन किया गया। 
     
    विशेषकर महिलाओं और युवतियों में भारी उत्साह देखा गया। अधिकांश भक्त पारंपरिक हरे, पीले और केसरिया परिधानों में पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की सक्रिय भागीदारी ने पहले सोमवार के उत्सव को भव्य बना दिया।
     

    प्रमुख मंदिरों में शाम को हुआ विशेष श्रृंगार

    साकची शीतला मंदिर, साकची मनोकामना मंदिर, कदमा रंकणी मंदिर, बिष्टुपुर लक्ष्मीनाथ गोस्वामी मंदिर, कचहरी बाबा शिव मंदिर, बर्मामाइंस देवस्थान शिव मंदिर, श्रीश्री शिरोमणि अमरनाथ मंदिर, डिमना शिवालय, सोनारी आषाढ़ी काली मंदिर परिसर और फदलोगोड़ा शिव मंदिर में दिनभर मेला जैसा माहौल रहा। शाम को मंदिरों में भगवान शिव का मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिसके बाद भव्य महाआरती आयोजित हुई।
     

    टुईलाडुंगरी: श्री श्री शीतला माता मंदिर में भव्य कलश यात्रा

    टुईलाडुंगरी स्थित श्री श्री शीतला माता मंदिर में महिला समिति के तत्वावधान में अध्यक्ष इंद्रा साहू के नेतृत्व में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। श्रद्धालु स्वर्णरेखा घाट से पवित्र जल लेकर लौटे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक किया।

    कार्यक्रम में उपस्थित मंदिर समिति के अध्यक्ष सह भाजपा नेता दिनेश कुमार ने कहा कि श्रावण मास आस्था, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा प्रतीक है।
     
     इस अवसर पर मंदिर समिति के गिरधारी साहू, परमानंद कौशल, बी. श्रीनिवास राव, जितेंद्र साहू सहित महिला समिति की सदस्य जमुना निषाद, हेमा साहू, मंजू ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
     

    पोटका: हरिणा मुक्तेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

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    पोटका प्रखंड के ग्रामीण इलाकों के शिवालयों में भी सुबह से ही भक्तों का जमावड़ा लगा रहा। प्रसिद्ध हरिणा मुक्तेश्वर धाम में श्रद्धालुओं और कांवरियों की भारी भीड़ देखी गई।

    पोटका के स्थानीय विधायक संजीव सरदार ने सपरिवार बाबा मुक्तेश्वर धाम पहुंचकर जलाभिषेक किया और क्षेत्रवासियों की खुशहाली की प्रार्थना की। 
     
    उन्होंने घोषणा की कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में विकसित किए जा रहे बायो डायवर्सिटी पार्क का जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा। 
     
    मंदिर परिसर में प्रस्तुत झांकी और भक्ति संगीत भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोवाली पुलिस और मंदिर समिति मुस्तैद रही।
     

    चांडिल: जयदा बूढ़ा बाबा मंदिर में भक्तों ने टेका माथा

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    खबरें और भी

    हिंदी पंचांग के अनुसार सावन का पहला और बंगला पंचांग का तीसरा सोमवार होने के कारण चांडिल स्थित प्रसिद्ध जयदा बूढ़ा बाबा शिव मंदिर में रविवार रात से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था।
     
    झारखंड के अलग-अलग जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा से भी हजारों की संख्या में कांवड़िया और शिवभक्त पैदल यात्रा कर पहुंचे। 
     
    सुबह 4 बजे से ही मंदिर के बाहर किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थीं। स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़े सुरक्षा और प्रकाश के इंतजाम किए थे।

    मंदिर समितियों के अनुसार, पूरे सावन माह के दौरान हर सोमवार को रुद्राभिषेक, अखंड हरिनाम संकीर्तन, महायज्ञ और विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा।

    पहली सोमवारी पर उमड़े इस अपार जनसैलाब ने समूचे कोल्हान क्षेत्र को पूर्णतः भक्तिमय और शिवमय बना दिया।