जमशेदपुर ट्रिपल मर्डर: लगातार बयान बदल रहा आरोपी; रांची FSL में पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी में पुलिस
जमशेदपुर ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह के पॉलीग्राफ टेस्ट को कोर्ट से मंजूरी मिल गई है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी बयान बदलकर गुमराह ...और पढ़ें

अपनी पत्नी और बेटी की हत्यारोपी रविंद्र सिंह की फाइल फोटो।
HighLights
कोर्ट ने आरोपी रविंद्र सिंह के पॉलीग्राफ टेस्ट को मंजूरी दी।
यह हत्या 1.49 करोड़ रुपये के निवेश विवाद के कारण हुई।
जासं, जमशेदपुर। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको स्थित बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस को अदालत से आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह के लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) जांच की अनुमति मिल गई है। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अब पुलिस राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) रांची से संपर्क कर रही है।
जांच की तिथि तय होते ही पुलिस आरोपी को रांची ले जाने के लिए अदालत से औपचारिक अनुमति लेगी। इसके बाद उसे रांची स्थित FSL या किसी अधिकृत निजी फॉरेंसिक संस्थान ले जाया जाएगा।
बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने का संदेह
पुलिस को संदेह है कि आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह मानसिक रूप से उतना बीमार नहीं है, जितना वह दिखाने का प्रयास कर रहा है। वह पूछताछ में लगातार अपने बयान बदल रहा है और जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश में जुटा है।
इसी वजह से पुलिस अब वैज्ञानिक तरीकों का सहारा ले रही है। आरोपी से सच उगलवाने के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा बेहद सटीक और तकनीकी सवालों की एक विस्तृत सूची (क्वेश्चनेयर) तैयार की जा रही है।
क्या था पूरा मामला और हत्या की वजह?
यह खौफनाक वारदात बीती 11 मई को सिदगोड़ा के एग्रिको रोड नंबर दो स्थित क्वार्टर नंबर एल-5/13 में हुई थी। यहां टाटा स्टील के सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारी रविंद्र सिंह ने कुल्हाड़ी और हथौड़े से हमला कर अपनी पत्नी सरिता सिंह, बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे रविशेख सिंह की हत्या कर दी थी।
डेढ़ करोड़ का विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि रविंद्र सिंह को रिटायरमेंट के वक्त मिले 1.49 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के निवेश (Investment) को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके प्रतिशोध में उसने इस सामूहिक हत्याकांड को अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस महज बयानों पर निर्भर न रहकर डिजिटल साक्ष्य, बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। गिरफ्तार आरोपी रविन्द्र प्रसाद सिंह अभी न्यायिक हिरासत में घाघीडीह सेंट्रल जेल के अस्पताल में मनोरोग चिकित्सक की निगरानी में है।