डोबो जमीन खरीद मामले में फंसे यूपी संघ के पूर्व दिग्गज, नई कमेटी करेगी दूध का दूध और पानी का पानी
जमशेदपुर के मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश संघ की वार्षिक आमसभा हंगामेदार रही। डोबो जमीन खरीद विवाद मुख्य मुद्दा था, जिसमें पूर्व पदाधिका ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश संघ की बैठक में भाग लेते पदाधिकारी।
HighLights
डोबो जमीन खरीद विवाद यूपी संघ की आमसभा में छाया।
पूर्व पदाधिकारियों पर 8.25 करोड़ के घोटाले का आरोप।
मामले की जांच हेतु नई उच्च स्तरीय समिति गठित।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल (MNPS) परिसर में रविवार को आयोजित उत्तर प्रदेश संघ की वार्षिक आमसभा (AGM) भारी हंगामे के बीच संपन्न हुई। बैठक में करीब 6 साल पहले चांडिल के गौरी गांव में 4.51 एकड़ सीएनटी (CNT) एक्ट से प्रभावित जमीन को सवा आठ करोड़ रुपये में खरीदने का मुद्दा छाया रहा।
जांच रिपोर्ट में खुली पोल, पूर्व पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
संघ के अध्यक्ष अखिलेश कुमार दुबे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डोबो (चांडिल) जमीन खरीद की आंतरिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। रिपोर्ट में तत्कालीन अध्यक्ष विजय सिंह राणा, सचिव डॉ. डीपी. शुक्ला और कोषाध्यक्ष देवेश अवस्थी की भूमिका को गलत पाया गया है।
नई जांच समिति का गठन
हंगामे के बीच डॉ. डी.पी. शुक्ला ने भावुक होते हुए कहा कि हमारी नीयत सही थी, यदि जमीन लेने में कोई तकनीकी गलती हुई हो तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने शिकायत की कि पुरानी जांच समिति ने उनका पक्ष ठीक से नहीं सुना। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी समिति ने मनमर्जी से कमेटी रिपोर्ट को रद कर दिया। मैं इसका विरोध करता हूं।
सर्वसम्मति से अब एक नई उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है।
- चेयरमैन: अनुराग अग्निहोत्री
- सदस्य: जेबी. सिंह, प्रताप भानु सिंह, एचसी. तिवारी, अश्विनी रघुवंशी, कमलेंदु शुक्ला और एंजेल उपाध्याय।
- यह समिति एक माह के भीतर सभी पक्षों को सुनकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करेगी।
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ट्रस्ट और सदस्यता पर महत्वपूर्ण फैसले
जमीन विवाद के अलावा आमसभा में कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई:
- उत्तराधिकारी सदस्यता: अध्यक्ष अखिलेश दुबे ने घोषणा की कि मृत या गंभीर रूप से बीमार सदस्यों की जगह उनके परिजनों को सदस्यता दी जाएगी।
- स्कूल नामांकन: एमएनपीएस में घटती छात्र संख्या पर चिंता जताई गई। बताया गया कि नई शिक्षा नीति के कारण बदलाव आए हैं, लेकिन जल्द ही नामांकन बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे।
- ट्रस्ट की पारदर्शिता: सोसाइटी एक्ट के तहत बने संघ के रहते हुए 'उत्तर प्रदेश संघ ट्रस्ट' के गठन पर सवाल उठे। तय हुआ कि ट्रस्ट को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा और इसमें संघ के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता होगी।
बैठक में संघ के 200 में से 110 आजीवन सदस्यों ने हिस्सा लिया। सचिव द्वारा प्रस्तुत वार्षिक लेखा-जोखा को सर्वसम्मति से पारित किया गया। कार्यक्रम का समापन एसएस. मिश्रा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।