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    झाड़ग्राम जू में 'समरस्पेशल'इंतजाम: भालू-तेंदुओं को ओआरएस और खीरा-तरबूज, गर्मी से बचाने के लिए पुआल के शेल्टर

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 04:58 PM (IST)

    बंगाल के झाड़ग्राम जूलॉजिकल पार्क में बढ़ती गर्मी से जानवरों को बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसमें पुआल के शेल्टर, स्प्रिंकलर, ओआरएस और मौसमी ...और पढ़ें

    गर्मी से राहत पाने के लिए पानी के नजदीक बैठा तेंदुआ। पानी के आसपास घूमता गर्मी से बेहाल भालू और तालाब के ऊपर मंडराते पक्षी।

    गर्मी से राहत पाने के लिए पानी के नजदीक बैठा तेंदुआ। पानी के आसपास घूमता गर्मी से बेहाल भालू और तालाब के ऊपर मंडराते पक्षी।

    HighLights

    1. पुआल के शेल्टर और स्प्रिंकलर से बाड़ों को ठंडा रखा जा रहा है।

    2. जानवरों की डाइट में ओआरएस, गुड़-नमक घोल, मौसमी फल शामिल।

    3. भालू, तेंदुए जैसे जानवरों को नियमित रूप से नहलाया जा रहा है।

    जागरण संवाददाता, खड़गपुर। बंगाल के जंगलमहल इलाके में बढ़ती गर्मी ने लोगों और बेजुबान जानवरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, झाड़ग्राम जूलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों की सुरक्षा और सेहत को लेकर विशेष एहतियात बरते जा रहे हैं। 
     
    वर्तमान में यहां मौजूद 360 से अधिक जानवरों और पक्षियों को लू (हिटवेव) से बचाने के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने कई पुख्ता इंतजाम किए हैं। इससे जानवरों को काफी राहत मिल रही है। 
     

    बाड़ों को ठंडा रखने के लिए पुआल और स्प्रिंकलर

    चिड़ियाघर के बाड़े आमतौर पर कंक्रीट, लोहे और टिन से बने होते हैं, जो तेज धूप में जल्दी गर्म हो जाते हैं। इसे देखते हुए पार्क के अधिकारियों ने बाड़ों की छत पर पुआल (बिचाली) के शेल्टर बनाए हैं। 
     
    इन शेल्टरों पर नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि अंदर का तापमान कम रहे। इसके अलावा, स्प्रिंग कार (स्प्रिंकलर) के जरिए सीधे जानवरों पर भी पानी की बौछारें की जा रही हैं, जिससे उन्हें चिलचिलाती धूप में ठंडक का अहसास मिल सके।
     

    बदला गया डाइट चार्ट: ओआरएस और मौसमी फल

    गर्मी में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) सबसे बड़ी चुनौती है। इसे रोकने के लिए डीएफओ उमर इमाम के निर्देशन में जानवरों की डाइट में बड़े बदलाव किए गए हैं।

    •     पेय पदार्थ: हिरण और नीलगाय जैसे शाकाहारी जानवरों को सामान्य पानी की जगह गुड़ और नमक का घोल दिया जा रहा है। वहीं तेंदुए, भालू, लकड़बग्घे और पक्षियों के लिए पानी में ओआरएस (ORS) मिलाया जा रहा है।
    •     भोजन: पक्षियों और अन्य छोटे जीवों को ठंडक पहुंचाने के लिए उनके आहार में खीरा और तरबूज जैसे पानी से भरपूर फल शामिल किए गए हैं।
    •     स्वच्छता: भालू, तेंदुआ और फिशिंग कैट जैसे जानवरों के बाड़ों का पानी दिन में कई बार बदला जा रहा है। भालुओं को विशेष रूप से प्रतिदिन नहलाया जा रहा है।


    360 बेजुबानों का घर है झाड़ग्राम जू

    झाड़ग्राम जूलॉजिकल पार्क में वर्तमान में प्रजातियों की बड़ी विविधता है। यहां कुल 125 हिरण, 4 तेंदुए, 2 भालू, 5 भेड़िये और 3 लकड़बग्घे हैं। इनके अलावा 16 प्रजातियों के 187 स्तनधारी जीव, 12 प्रजातियों के 153 सरीसृप (रेप्टाइल्स) और 18 प्रजातियों के 100 से अधिक पक्षी इस पार्क की शोभा बढ़ाते हैं। इन सभी पर विशेषज्ञों की एक टीम चौबीसों घंटे नजर रख रही है।
     

    पर्यटकों के लिए भी विशेष सुविधाएं

    गर्मी के बावजूद पार्क की खूबसूरती और बेहतर सुविधाओं के कारण पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। वन विभाग ने पूरे चिड़ियाघर को फूलों के बगीचों, कृत्रिम घास और बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क से सजाया है। 
     
    पर्यटकों की सुविधा के लिए यहां ठंडे पीने के पानी की मशीनें (वॉटर कूलर) और विश्राम कक्ष भी बनाए गए हैं। बढ़ते तापमान के बीच झाड़ग्राम जूलॉजिकल पार्क का यह समर मैनेजमेंट अन्य चिड़ियाघरों के लिए एक मिसाल है। 
     
    जहां एक ओर जानवरों को वैज्ञानिक तरीके से ठंडक पहुंचाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर उनकी डाइट का ख्याल रखकर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    शाल के घने जंगलों के बीच होने के बावजूद तेज गर्मी वन्यजीवों के लिए चुनौतीपूर्ण है। हमने बाड़ों और खुले स्थानों पर कृत्रिम घास लगाई है ताकि जमीन ठंडी रहे। खाने की पूरी सूची बदल दी गई है। हर जानवर की सेहत पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि गर्मी के कारण कोई अप्रिय घटना न हो।

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    - उमर इमाम, डीएफओ, झाड़ग्राम