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    झारखंड के 19 जिलों के चैंबर एक मंच पर, राज्य के विकास के लिए सरकार को सौंपेंगे साझा रोडमैप

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 12:01 AM (IST)

    झारखंड के 19 जिलों के चैंबर एक मंच पर आए, जिन्होंने राज्य को खनिज संपदा से परे विनिर्माण, कौशल विकास और पर्यटन का केंद्र बनाने पर जोर दिया। ...और पढ़ें

    टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदरारामम ने कहा कि देश के लगभग 40 प्रतिशत खनिज संसाधन झारखंड के पास हैं।

    टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदरारामम ने कहा कि देश के लगभग 40 प्रतिशत खनिज संसाधन झारखंड के पास हैं। 

    HighLights

    1. 19 जिलों के चैंबर विकास के लिए एक मंच पर।

    2. विनिर्माण, पर्यटन, कौशल विकास पर जोर देने का संकल्प।

    3. सरकार को निवेश अनुकूल नीतियों का रोडमैप सौंपेंगे।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर । झारखंड को केवल खनिज संपदा वाले राज्य के रूप में ही नहीं, बल्कि विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन), कौशल विकास, पर्यटन और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
     
    राज्य के सतत एवं प्रतिस्पर्धी विकास के लिए उद्योग जगत, सरकार और सभी व्यापारिक संगठनों को एक साझा रणनीति के साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा।
     
    यह महत्वपूर्ण निष्कर्ष शनिवार शाम बिष्टुपुर स्थित चैंबर भवन में सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी में निकलकर आए। 
     
    संगोष्ठी का विषय झारखंड में अवसर एवं चुनौतियां, सतत एवं प्रतिस्पर्धी विकास पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में रखा गया था।
     

    वैल्यू एडिशन और इंडस्ट्रियल टूरिज्म पर जोर

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदरा रामम ने कहा कि देश के लगभग 40 प्रतिशत खनिज संसाधन झारखंड के पास हैं। 
     
    अब समय आ गया है कि राज्य आधुनिक उद्योगों और कुशल मानव संसाधन के दम पर अपनी नई पहचान बनाए। उन्होंने युवाओं के पलायन को रोकने के लिए रोजगार सृजन और पलामू, बेतला समेत अन्य प्राकृतिक स्थलों के साथ इंडस्ट्रियल टूरिज्म को बढ़ावा देने पर बल दिया।
     
    इसके साथ ही उन्होंने जमशेदपुर में एक आधुनिक अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट के निर्माण को कोल्हान के औद्योगिक विकास के लिए बेहद अनिवार्य बताया।
     

    प्रतिस्पर्धी नहीं, सहयोगी बनकर काम करेंगे चैंबर

    सिंहभूम चैंबर के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि झारखंड गठन के इतिहास में पहली बार राज्य के 19 जिलों के चैंबर एक मंच पर एकजुट हुए हैं। 
     
    अब सभी चैंबर एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी बनकर कार्य करेंगे। संगोष्ठी से प्राप्त सभी व्यावहारिक सुझावों का एक दस्तावेज तैयार कर राज्य सरकार को सौंपा जाएगा, ताकि निवेश अनुकूल नीतियां बनाई जा सकें।
     
    वहीं, फेडरेशन चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने आगामी 10 वर्षों के लिए दीर्घकालिक औद्योगिक नीति और राज्य में 1000 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।
     

    पूर्वी भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर मंथन

    संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में झारखंड को पूर्वी भारत का उभरता मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने, स्टील डाउनस्ट्रीम, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, डिफेंस और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण को गति देने पर विस्तृत मंथन हुआ। 
     
    इस दौरान भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना और सरकारी प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। अंत में सभी चैंबरों ने झारखंड को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने का संकल्प लिया।