कैरव गांधी अपहरण कांड: 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, 'कॉल डंप' और 'सीसीटीवी' के भरोसे जांच
जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण से शहर में सनसनी फैल गई है। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। कै ...और पढ़ें

कैरव गांधी की फाइल फोटो।
HighLights
कार चांडिल में मिली, मोबाइल लोकेशन सोनारी में दर्ज।
पुलिस सीसीटीवी, कॉल डंप से पेशेवर अपराधियों की तलाश में।
बिष्टुपुर का रास्ता और सोनारी का रहस्य
तकनीकी साक्ष्यों पर टिकी जांच: कॉल डंप और सीसीटीवी
पुलिस ने जांच को दिशा देने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का सहारा लिया है। सीएच एरिया, रिवेरा और सोनारी लिंक रोड के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि कैरव की कार का पीछा कोई संदिग्ध वाहन कर रहा था या नहीं।
पेशेवर अपराधियों की सोची-समझी साजिश!
पुराने विवादों और जेल से छूटे अपराधियों पर नजर
पुलिस अब गांधी परिवार की पृष्ठभूमि और उनके व्यावसायिक संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। कैरव की छह अलग-अलग कंपनियां हैं। पुलिस यह जांच रही है कि क्या किसी कंपनी में कोई विवाद चल रहा था या कोई पूर्व कर्मचारी रंजिश रखता था। इसके साथ ही, हाल ही में जेल से छूटे पेशेवर अपराधियों का भौतिक सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है।
जिस तरह से दिनदहाड़े इस घटना को अंजाम दिया गया, उससे स्पष्ट है कि अपराधियों ने कैरव की पूरी रेकी की थी। हम हर पहलू पर गौर कर रहे हैं।
- कुुमार शिवाशीष, सिटी एसपी जमशेदपुर