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    जमशेदपुर के MGM मेडिकल कॉलेज में गड़बड़ी, 37 कर्मचारी पूरे महीने नहीं आए; 25 डॉक्टरों की उपस्थिति जीरो

    Updated: Wed, 01 Apr 2026 12:00 PM (GMT+05:30)

    जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति बेहद खराब पाई गई है। मासिक समीक्षा में 37 कर्मियों की शून् ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है। बायोमीट्रिक हाजिरी की मासिक समीक्षा में कई स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों की उपस्थिति बेहद खराब पाई गई, जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया है।

    सरकार के अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एमजीएम मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल और अधीक्षक को पत्र भेजा है। समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में कुल 290 डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीकरण बायोमीट्रिक उपस्थिति पोर्टल पर है, लेकिन इनमें से कई की हाजिरी चिंताजनक रूप से कम है।

    रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 37 स्वास्थ्य कर्मियों ने पूरे महीने एक भी दिन बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। वहीं 34 कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम रही। डॉक्टरों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। 25 डॉक्टर ऐसे हैं, जिनकी उपस्थिति शून्य दर्ज की गई, जबकि 20 डॉक्टरों की हाजिरी 50 प्रतिशत से कम रही है।

    इस स्थिति को अत्यंत गंभीर मानते हुए एमजीएम कालेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन डाक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम है, उन्हें कारण बताओ नोटिस (शोकाज) जारी किया जाए।

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    विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिया गया है कि संबंधित डॉक्टर और कर्मचारी 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण दें, ताकि इसे संकलित कर उच्च विभाग को भेजा जा सके। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

    इस खुलासे के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में प्रशासनिक सख्ती और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

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