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    अवैध पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर गाज: नंदीग्राम जिले के 28 सेंटरों पर ताला लगाने का आदेश

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:41 PM (IST)

    पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के बाद पूर्व मेदिनीपुर में स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में आ गया है। नंदीग्राम स्वास्थ्य जिले में बिना वैध लाइस ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। (AI Generated Image)

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के बाद विभाग एक्शन में।

    2. नंदीग्राम में 28 अवैध डायग्नोस्टिक सेंटर बंद होंगे।

    3. बिना वैध लाइसेंस के चल रहे थे ये केंद्र।

    संसू, खड़गपुर। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय के पूर्व मेदिनीपुर जिले के हालिया दौरे के तुरंत बाद जिला स्वास्थ्य विभाग सख्त एक्शन मोड में आ गया है। 
     
    विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नंदीग्राम स्वास्थ्य जिले के अंतर्गत बिना वैध लाइसेंस और दस्तावेजों के चल रहे 28 डायग्नोस्टिक सेंटरों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है।
     

    अस्पतालों के निरीक्षण के बाद सख्त कदम 

    हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री ने चार दिवसीय दौरे पर पूर्व मेदिनीपुर जिले के दोनों स्वास्थ्य जिलों पूर्व मेदिनीपुर और नंदीग्राम के कई सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया था। 
     
    निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर बेहतर व्यवस्था की सराहना की गई, तो कई स्थानों पर खामियां पाए जाने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और तुरंत सुधार के निर्देश दिए थे।
     

    दोबारा जांच में पकड़ी गई गड़बड़ी 

    मंत्री के दौरे के अगले ही दिन नंदीग्राम स्वास्थ्य जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (CMOH) डॉ. असित कुमार देवान ने प्रेस वार्ता कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। 
     
    उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले भी जिले के कई डायग्नोस्टिक सेंटरों की जांच की गई थी और आवश्यक दस्तावेज न होने पर उन्हें बंद करने को कहा गया था। इसके बावजूद कई संचालक अवैध रूप से सेंटर चला रहे थे।


    स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम द्वारा किए गए ताजा निरीक्षण में 28 ऐसे डायग्नोस्टिक सेंटर चिन्हित किए गए, जिनके पास जरूरी लाइसेंस और अनिवार्य सरकारी कागजात नहीं थे। इसके बाद इन सभी को तुरंत काम रोकने का औपचारिक नोटिस जारी किया गया।

    दस्तावेज जमा करने पर ही मिलेगी अनुमति 

    CMOH डॉ. देवान ने साफ किया कि जब तक संबंधित संचालक सभी नियम-शर्तें पूरी कर वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करेंगे, तब तक उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य सरकार मरीजों की सुरक्षा, इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता को लेकर प्रतिबद्ध है।

    नियमों के उल्लंघन और अवैध संचालन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी धरपकड़ जारी रहेगी।