पूर्वी सिंहभूम: पोटका में 282 अबुआ आवास 3 साल से अधूरे, लाभार्थियों की दूसरी किस्त में गबन का खुलासा
पोटका प्रखंड में 282 आबुआ आवास कई वर्षों से अधूरे पड़े हैं, जबकि लाभार्थियों को राशि मिल चुकी है। नारदा पंचायत की जांच में बुधिया सबर द्वारा 10 लाभार् ...और पढ़ें
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HighLights
पोटका में 282 आबुआ आवास वर्षों से अधूरे पड़े हैं।
नारदा जांच में 10 लाभार्थियों की दूसरी किस्त का गबन।
बुधिया सबर पर राशि हड़पने का आरोप लगा है।
संवाद सूत्र, पोटका। पोटका प्रखंड में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के तहत स्वीकृत 282 आबुआ आवास अब भी अधूरे हैं। लाभुकों को राशि मिलने के बावजूद कई आवास 2 से 3 वर्षों से पूर्ण नहीं हो सके हैं।
इस बीच नारदा पंचायत में जिला स्तरीय जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि 10 लाभुकों की दूसरी किस्त की राशि कथित रूप से बुधिया सबर द्वारा निकालकर कार्य नहीं कराया गया, जिसके कारण आवास निर्माण अधूरा रह गया।
जानकारी के अनुसार, इन 10 मामलों में पांच सबर एवं पांच आदिवासी परिवार शामिल हैं। प्रखंड में कुल 148 लाभुकों ने दूसरी किस्त तथा 134 लाभुकों ने तीसरी किस्त की राशि प्राप्त कर ली है, लेकिन इसके बावजूद आवास निर्माण पूरा नहीं हुआ है।
विभाग लगातार लाभुकों को नोटिस जारी कर जल्द निर्माण पूरा करने का निर्देश दे रहा है। चेतावनी दी गई है कि समय पर कार्य पूरा नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रखंड आवास समन्वयक राजेश प्रसाद ने बताया कि जिन लाभुकों ने राशि लेने के बाद भी आवास पूरा नहीं किया है, उन्हें लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण की प्रगति काफी धीमी है और निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने पर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में बिचौलिये द्वारा राशि हड़पी गई है, तब भी आवास निर्माण पूरा कराना आवश्यक होगा।
वहीं, बीडीओ अरुण मुंडा ने कहा कि सबर समुदाय के कुछ लाभुकों ने अपने समाज के बुधिया सबर को आवास निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी थी, इसलिए राशि उन्हें दी गई थी। उन्होंने बिचौलिये की बात से इनकार करते हुए कहा कि सभी अधूरे आवास जल्द पूर्ण कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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साथ ही उन्होंने बताया कि 282 अपूर्ण आवासों के मामले में दो से तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं और लाभुकों को समझाकर निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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