जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया से बच्चे की मौत के बाद जल जीवन मिशन पर सवाल, दूषित पानी पीने को मजबूर लोग
पोटका के हितबासा गांव में ब्रेन मलेरिया से बच्चे की मौत के बाद जल जीवन मिशन की पोल खुल गई है, जहां चार साल से जलमीनार खराब पड़ी है। ...और पढ़ें
HighLights
ब्रेन मलेरिया से 8 वर्षीय बच्चे राहुल सरदार की मौत।
जल जीवन मिशन की दो जलमीनारें वर्षों से खराब।
ग्रामीण दूषित पानी पीने को विवश, भाजपा नेत्री ने उठाई आवाज।
शंकर गुप्ता, पोटका। पोटका प्रखंड की जंगल किनारे स्थित तेंतला पोड़ा पंचायत का हितबासा गांव एक बार फिर मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर चर्चा में है। हाल ही में 8 वर्षीय राहुल सरदार की ब्रेन मलेरिया से मौत के बाद भाजपा नेत्री देवी कुमारी भूमिज पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचीं। इस दौरान गांव की बदहाल स्थिति देखकर उन्होंने चिंता जताई और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत गांव में दो जलमीनार का निर्माण कराया गया था, ये सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। एक जलमीनार पिछले चार वर्षों से और दूसरी दो वर्षों से खराब पड़ी है। निर्माण के बाद से आज तक ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका। मजबूरी में लोग गड्ढों और कुओं का दूषित पानी पीने को विवश हैं।

मृतक राहुल सरदार के पिता जादू सरदार ने कहा कि गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इसी वजह से गांव में लगातार लोग बीमार पड़ रहे हैं और उनके पुत्र की भी ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई। उन्होंने प्रशासन से अविलंब सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने खराब जलमीनार के सामने प्रदर्शन कर उसे शीघ्र चालू कराने, गांव में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, डीडीटी का स्प्रे तथा मलेरिया नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने की मांग की।

भाजपा नेत्री देवी कुमारी भूमिज ने कहा कि जो क्षेत्र लंबे समय से मलेरिया प्रभावित है, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाएं हर ग्रामीण का अधिकार हैं।

उन्होंने संबंधित विभाग से खराब जलमीनारों की तत्काल मरम्मत कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने तथा मलेरिया रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाने की मांग की। इस अवसर पर पंचायत की मुखिया पुष्पलता मुंडा, ग्राम प्रधान, जल सहिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं महिलाएं उपस्थित थीं।
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पंचायत के मुखिया पुष्प लता मुंडा ने कहा कि कई बार पीएचडी विभाग को लिखित सूचना दी गई इसके बावजूद जल मीनारों का मरमत नहीं हो पाया है जिसके कारण मजबूरन लोग कुआं या गड्ढे का पानी पी रहे हैं।