पुरुलिया में ओडिशा-झारखंड अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, 322 किलो गांजे के साथ 7 गिरफ्तार
पुरुलिया पुलिस और SOG ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 322 किलोग्राम गांजा जब्त किया और 7 तस्करों को गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 322 किलोग्राम गांजा जब्त किया है।
HighLights
अंतरराज्यीय गिरोह के सात तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
ओडिशा से धनबाद जा रही थी गांजे की खेप।
जागरण संवाददाता, पुरुलिया। पुरुलिया जिला मुफस्सल थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है।
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 322 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा से जुड़े सात तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर हाईवे पर बिछाया गया जाल
पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक कुमार सानि राज ने बताया कि 27 जुलाई 2026 की देर रात पुलिस और SOG की टीम को मादक पदार्थों की तस्करी की पुख्ता जानकारी मिली थी।
इसके बाद पुरुलिया-रांची नेशनल हाईवे पर मुफस्सल थाना क्षेत्र के बेलकुड़ी रामकृष्ण मिशन के पास विशेष निगरानी रखी गई। चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो छोटी कारें और एक संदिग्ध ट्रक को रोका।
हिरासत में लिए गए लोगों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि ट्रक के अंदर एक विशेष रूप से बनाए गए गुप्त डिब्बे (केबिन) में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ छिपाया गया है।
मैकेनिक की मदद से खुला गुप्त केबिन
घटनास्थल पर एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में एक मैकेनिक की मदद ली गई। ट्रक का गुप्त केबिन खोलने पर पुलिस को 322 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके से गांजे के अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही तीनों गाड़ियों और 10 मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- राजू पाल - पूर्व बर्धमान, पश्चिम बंगाल
- उत्तम कुमार सिन्हा - पश्चिम बर्धमान, पश्चिम बंगाल
- जीवन दे - पूर्व बर्धमान, पश्चिम बंगाल
- कालिया लंका - गंजम, ओडिशा
- दीपक कुमार सिंह - भोजपुर, बिहार
- रंजीत कुमार प्रसाद - बक्सर, बिहार
- अजीत कुमार सिंह - भोजपुर, बिहार
ओडिशा से धनबाद भेजी जा रही थी खेप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा से लाई जा रही थी। तस्कर पुरुलिया-रांची कॉरिडोर के रास्ते इसे झारखंड के धनबाद क्षेत्र में अवैध बिक्री के लिए ले जा रहे थे।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (सप्लाई के मुख्य स्रोत और इसे प्राप्त करने वालों) का पता लगाने के लिए जांच जारी है। इस नेटवर्क में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।