वोट की चोट या पहचान का संकट? पुरुलिया में 5 हजार से अधिक लोग मतदाता सूची से बाहर
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में चुनावी सरगर्मी के बीच 5258 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। तकनीकी विसंगतियों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
तकनीकी विसंगति और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर।
नागरिकता व मताधिकार बचाने को लोग परेशान, ट्रिब्यूनल की उम्मीद।
तकनीकी गड़बड़ी और सुप्रीम कोर्ट का आदेश
डिटेंशन कैंप और संदिग्ध मतदाता होने का खौफ
सूची से बाहर किए गए परिवारों में भारी मायूसी और दहशत का माहौल है। पुरुलिया नगर पालिका के हसेम अंसारी ने बताया कि पुख्ता दस्तावेज देने के बाद भी उनके पूरे परिवार का नाम काट दिया गया है।
युद्ध स्तर पर चल रही आवेदन की प्रक्रिया
जिला प्रशासन का कहना है कि आवेदन जमा करने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। प्राप्त सभी आवेदनों को अंतिम निर्णय के लिए ट्रिब्यूनल को भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी के दावों की निष्पक्ष जांच होगी।
फिलहाल, इन हजारों लोगों के लिए ट्रिब्यूनल का दरवाजा ही उम्मीद की आखिरी किरण बचा है।