यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: इन रेल कर्मचारियों का नहीं होगा तबादला, रेलवे बोर्ड ने इस वजह से लगा दी रोक
रेलवे बोर्ड ने एक आदेश जारी करते हुए उन रेल कर्मचारियों को तबादले की सूची से बाहर रखा है जिनके आश्रित (माता-पिता बेटा-बेटी भाई-बहन और पति या पत्नी) दि ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। रेलवे में कार्यरत वैसे कर्मचारी जिनके आश्रित (माता-पिता, बेटा-बेटी, भाई-बहन और पति या पत्नी) दिव्यांग हैं और पूरी तरह से उन पर ही आश्रित हैं, ऐसे रेल कर्मचारियों का तबादला या रोटेशनल तबादला नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी करते हुए ऐसे रेल कर्मचारियों को राहत देते हुए उन्हें तबादले की सूची से बाहर रखा है।उन
इन दस्तावेजों को करना होगा जमा
बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (स्थापना विभाग) संजय कुमार द्वारा जारी आदेश के तहत जो रेल कर्मचारी अपने दिव्यांग स्वजनों की देखभाल करते हैं, उनका तबादला दूसरी जगह नहीं होगा। वे अपनी इच्छानुसार उसी कार्यस्थल पर काम करते रहेंगे।
हालांकि, ऐसे कर्मचारियों को पूर्व की तरह अपने दिव्यांग आश्रित के संबंध में जरूरी दस्तावेज कार्मिक विभाग में प्रस्तुत करना होगा। इसमें डाॅक्टर का सर्टिफेकेट, जारी इलाज के दस्तावेज व निशक्त प्रमाण पत्र शामिल हैं। इससे पहले भी रेलवे बोर्ड ने जुलाई 2019 में दिव्यांगों की देखभाल करने वाले रेल कर्मचारियों के तबादले पर रोक लगाई थी।
कोर्ट ने दिया है आदेश
निशक्तजन आयुक्त के मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार से इच्छा जताई है कि दिव्यांग कर्मचारियों के स्थानांतरण से सबंधित प्रावधानों पर उचित निर्देश देते हुए उसे कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
आदेश के तहत दिव्यांगों का कई तरह का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चलता रहता है। वे जिन पर आश्रित हैं, उनका तबादला होने से बेहतर इलाज के लिए उन्हें भी परेशानी होगी।
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