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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ramdas Soren: रामदास सोरेन ने 2005 में निर्दलीय लड़ा चुनाव, 2009 में तीन बार के MLA को हराकर दिखाया था अपना दम

Published: Fri, 30 Aug 2024 11:44 AM (IST)Updated: Fri, 30 Aug 2024 11:57 AM (IST)

Ramdas Soren रामदास सोरेन आज हेमंत सरकार के नए मंत्री बन गए हैं। राज्यपाल ने उन्हें मंत्री पद की शपथ ...और पढ़ें

रामदास सोरेन का सियासी सफर (जागरण फोटो)
रामदास सोरेन का सियासी सफर (जागरण फोटो)

HighLights

  1. 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी लक्ष्मण टुडू से हारे
  2. 2019 में भाजपा प्रत्याशी को हराकर दोबारा पहुंचे विधानसभा

संवाद सूत्र, घाटशिला। झारखंड में घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन ने मंत्री पद की शपथ ले ली है। चंपई सोरेन के इस्तीफे के बाद उन्होंने मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल ली है।

रामदास सोरेन का सियासी सफर भी काफी संघर्षपूर्ण रहा है। रामदास सोरेन  पहले तो जमशेपुर पूर्वी विधानसभा सीट से झामुमो के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद रामदास सोरेन घाटशिला विधानसभा में सक्रिय हो गए।

2004 में नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था

लेकिन 2004 में राज्य में कांग्रेस-झामुमो गठबंधन होने के कारण घाटशिला से उन्हें टिकट नहीं मिला तो वे नाराज होकर निर्दलीय ही झूड़ी छाप पर चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे। 2009 के विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस-झामुमो का गठबंधन टूटा तो रामदास सोरेन फिर से झामुमो के प्रत्याशी बनाए गए थे।

तीन बार के विधायक को हराकर सभी को चौंकाया था

उस समय रामदास सोरेन ने कांग्रेस के तीन बार के विधायक रहे कद्दावर नेता डा. प्रदीप कुमार बलमुचू को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2014 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन को भाजपा के प्रत्याशी लक्ष्मण टुडू से हार का सामना करना पड़ा था।

फिर 2019 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन (Ramdas Soren) ने भाजपा प्रत्याशी लखन मार्डी को हराकर जोरदार वापसी की। विधायक के बाद मंत्री के रूप में शुक्रवार को उन्होंने शपथ ग्रहण कर लिया।

शपथ ग्रहण से पहले उन्होंने अपने गुरुजी शिबू सोरेन के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनका पूरा परिवार मौजूद था। आशीर्वाद लेकर फिर वह राजभवन के लिए निकले थे। रामदास सोरेन को चंपई सोरेन की काट माना जा रहा है। 

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