JFC Shut Down: टाटा स्टील के फैसले से टूटा संदेश झिंगन का दिल, बोले- उम्मीद है यह अलविदा नहीं
टाटा स्टील द्वारा जमशेदपुर एफसी (JFC) को बंद करने के फैसले से भारतीय फुटबॉल जगत स्तब्ध है, जिससे राष्ट्रीय टीम के डिफेंडर संदेश झिंगन बेहद निराश हैं। ...और पढ़ें

राष्ट्रीय टीम के दिग्गज डिफेंडर संदेश झिंगन।
HighLights
संदेश झिंगन ने JFC बंद होने पर गहरा दुख व्यक्त किया।
टाटा स्टील के फैसले से भारतीय फुटबॉल जगत स्तब्ध है।
वित्तीय घाटा और ISL फीस मुख्य कारण रहे।
JFC Shut Down: टाटा स्टील के फैसले से टूटा संदेश झिंगन का दिल, बोले- "उम्मीद है यह अलविदा नहीं"
TFA सिर्फ अकादमी नहीं, एक बेंचमार्क थी
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में झिंगन ने लिखा- बचपन में हमारे लिए टाटा फुटबॉल अकादमी (TFA) सिर्फ एक अकादमी नहीं, बल्कि एक बेंचमार्क थी।
हर युवा फुटबॉलर जानता था कि उस बैज को पहनने का मतलब है कि आपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बना ली है।
झिंगन ने आगे कहा कि जब 2017 में JFC ने इंडियन सुपर लीग (ISL) में कदम रखा, तो ऐसा लगा जैसे उस ऐतिहासिक विरासत को अपना घर मिल गया हो। यह सिर्फ एक क्लब नहीं था, बल्कि इसके साथ बरसों का भरोसा और मूल्य जुड़े थे।
ऐसे उजड़ा JFC का संसार: क्यों बंद हुआ क्लब?
- बोर्ड मीटिंग में चर्चा नहीं: गुरुवार को हुई टाटा स्टील की बोर्ड मीटिंग में JFC के फंड पर कोई चर्चा नहीं हुई।
- कर्मचारियों को फरमान: शुक्रवार शाम प्रबंधन ने 50 से अधिक कर्मचारियों को क्लब बंद होने और ISL से हटने की जानकारी दे दी।
- वित्तीय संकट: मुख्य कारण लगातार हो रहा घाटा और ₹1.10 करोड़ की ISL फ्रेंचाइजी फीस न चुका पाना रहा।
- AIFF का जुर्माना: अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के जुर्माने ने इस आर्थिक संकट को और गहरा कर दिया।
अचानक लिए गए इस फैसले से सोशल मीडिया पर हड़कंपमच गया। हताश खिलाड़ियों ने वीडियो जारी कर टाटा प्रबंधन से गुहार लगाई है।
वहीं सुनील छेत्री और संदेश झिंगन जैसी हस्तियों ने भी टाटा समूह से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की भावुक अपील की है।