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    पर्यावरण अनुकूल मोबिलिटी की ओर कदम: पटना के बघकोल में खुला अत्याधुनिक सेंटर, सालाना 15 हजार वाहन होंगे स्क्रैप

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 07:32 PM (IST)

    टाटा मोटर्स ने पटना के बिक्रम (बघकोल) में अपना अत्याधुनिक पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर (RVSF) 'री-वायर' ब्रांड के तहत खोला है। ...और पढ़ें

    बिहार की राजधानी पटना के बिक्रम में अत्याधुनिक पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर का उद्घाटन हुआ।

    बिहार की राजधानी पटना के बिक्रम में अत्याधुनिक पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर का उद्घाटन हुआ।

    HighLights

    1. यह केंद्र सालाना 15,000 वाहनों को स्क्रैप करेगा।

    2. पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा मोटर्स ने देश के पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ परिवहन ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में पहल की है।
     
    कंपनी ने बिहार की राजधानी पटना के बिक्रम (बघकोल) में अपने अत्याधुनिक पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर (RVSF) का औपचारिक उद्घाटन किया। 
     

    सालाना 15 हजार वाहनों को स्क्रैप करने की क्षमता 

    री-वायर ब्रांड के तहत संचालित होने वाला यह देश का 12वां और बिहार का पहला पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटर है। पटना के बिक्रम स्थित बिहटा-कनपा रोड पर 5.5 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस अत्याधुनिक केंद्र का संचालन कलहानू बोथरा ग्रुप द्वारा किया जा रहा है। 
     
    इस केंद्र की वार्षिक क्षमता सभी श्रेणियों के 15,000 पुराने और अनफिट वाहनों को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की है।

    यहां केवल टाटा मोटर्स ही नहीं, बल्कि अन्य सभी ब्रांडों के हल्‍की और भारी व्यावसायिक वाहनों का निपटान किया जाएगा। 
     
    इस केंद्र में कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए पूर्णतः डिजिटल व पेपरलेस प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
     

    टिकाऊ मोबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा

    उद्घाटन के अवसर पर टाटा मोटर्स के ट्रक बिजनेस हेड राजेश कौल ने कहा कि पटना केंद्र की शुरुआत देश में अनुपयोगी वाहनों के निपटान के लिए एक संगठित और जिम्मेदार इकोसिस्टम विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगी। 
     
    राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत अनफिट वाहनों को हटाने का एक व्यवस्थित ढांचा तैयार हुआ है, जिससे वाहन मालिकों को बेहतर प्रोत्साहन देकर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 
     
    इस नए सेंटर के साथ टाटा मोटर्स की देशभर में कुल वार्षिक स्क्रैपिंग क्षमता अब बढ़कर लगभग दो लाख वाहन हो गई है।