झरिया कोलियरी विवाद: टाटा स्टील को 385 करोड़ के कोयला खनन विवाद में Stay Order
टाटा स्टील को झरिया कोलियरी में क्षमता से अधिक कोयला उत्पादन से जुड़े ₹385 करोड़ के विवाद में केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। कोयला मंत्रालय की रिव ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HighLights
कोयला मंत्रालय की अथॉरिटी ने दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई।
झरिया कोलियरी में स्वीकृत सीमा से अधिक उत्पादन का था आरोप।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झरिया कोलियरी में क्षमता से अधिक कोयला उत्पादन से जुड़े 385 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल विवाद में टाटा स्टील को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अधीन रिविजनल अथॉरिटी ने झारखंड सरकार द्वारा कंपनी के खिलाफ की जाने वाली किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
धनबाद के जिला खनन पदाधिकारी (DMO) ने टाटा स्टील को एक डिमांड नोटिस जारी कर 385.19 करोड़ रुपये के भुगतान का निर्देश दिया था। नोटिस में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने अपनी झरिया स्थित खदानों में वित्त वर्ष 2000-01 से 2016-17 के बीच स्वीकृत सीमा से अधिक कोयले का उत्पादन किया है।
अथॉरिटी का हस्तक्षेप और आदेश
इस भारी-भरकम जुर्माने को चुनौती देते हुए टाटा स्टील ने नई दिल्ली स्थित रिविजनल अथॉरिटी के समक्ष तीन पुनरीक्षण याचिकाएं (संख्या 38, 39 और 40) दायर की थीं।
- अंतरिम रोक: अथॉरिटी ने 24 मार्च को आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक इन याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक धनबाद DMO का नोटिस निष्प्रभावी रहेगा।
- शेयर बाजार को सूचना: टाटा स्टील ने 28 मार्च को सेबी (SEBI) नियमों के तहत शेयर बाजारों को इस कानूनी संरक्षण की आधिकारिक जानकारी दी है।