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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Mental Health Day 2023: मानसिक रोग से हैं परेशान तो इस नंबर पर घुमाएं कॉल, मुफ्त में मिलेगी जानकारी

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Tue, 10 Oct 2023 01:15 PM (IST)

    आज विश्‍व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य दिवस है। इस बार इसका थीम मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानव अधिकार है है। इस दौरान चौंकानेवाली बात यह है कि देश में 70 ...और पढ़ें

    न डॉक्‍टर, न इलाज; कैसे होगा मानसिक रोगियों का इलाज।
    न डॉक्‍टर, न इलाज; कैसे होगा मानसिक रोगियों का इलाज।

    HighLights

    1. 52 लाख आबादी पर मात्र तीन मनोचिकित्सक, सरायकेला व पश्चिम सिंहभूम में एक भी नहीं।
    2. 5 हजार से अधिक बढ़ रही मानसिक रोगियों की संख्या पर चिकित्सक नहीं बढ़े हर साल।
    3. सरायकेला जिले में मिले 353 मानसिक रोगी।
    4. पश्चिमी सिंहभूम जिले में मिले 94 रोगी।

    जासं, जमशेदपुर। कोल्हान में हर साल पांच हजार से अधिक मानसिक रोगी बढ़ रहे हैं, लेकिन दुखद यह है कि उसके हिसाब से सुविधा नहीं बढ़ी। आपको जानकर हैरानी होगी कि कोल्हान प्रमंडल की आबादी लगभग 52 लाख है, लेकिन मनोचिकित्सकों की संख्या मात्र तीन ही है। ऐसे में मरीजों की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं।

    जिले में नहीं है एक भी मनोचिकित्‍सक

    इतना ही नहीं, सरायकेला-खरसावां व पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक भी मनोचिकित्सक नहीं है। सिर्फ पूर्वी सिंहभूम जिले में तीन मनोचिकित्सक हैं। इसमें दो परसुडीह स्थित सदर अस्पताल व एक एमजीएम मेडिकल काॅलेज अस्पताल में तैनात हैं। इन चिकित्सकों के ऊपर भारी दबाव है।

    80 फीसदी मानसिक रोगियों का नहीं हो पाता इलाज

    सदर अस्पताल के मनोचिकित्सक ओपीडी में मरीजों को देखने के साथ-साथ सरायकेला-खरसावां व प. सिंहभूम जिला में भी सेवा देने जाते हैं। हालांकि, मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि उन्हें इलाज नहीं मिल पाता है।

    नेशनल हेल्थ मेंटल सर्वे के अनुसार, देश में 70 से 80 प्रतिशत मानसिक रोगियों को इलाज नहीं मिल पाता है। कोल्हान प्रमंडल में मानसिक रोगियों के लिए अस्पताल नहीं है। वर्ष 2012 में अस्पताल खोलने का निर्णय लिया गया था, पर अब तक नहीं खुला।

    खबरें और भी

    पूर्वी सिंहभूम जिले के किस प्रखंड में कितने नए रोगी 

    प्रखंड रोगी
    बहरागोड़ा 96
    बोड़ाम 04
    चाकुलिया 24
    धालभूमगढ़ 24
    डुमरिया  41
    घाटशिला 72
    जुगसलाई 1,478
    गुड़ाबांधा 8
    मुसाबनी 110
    पटमदा 51
    पोटका 200

    रोगी बढ़ने का कारण

    मानसिक रोगी का सबसे बड़ा कारण तनाव है। कार्यस्थल पर तनाव को कम करने की जरूरत है। वहीं, कोरोना के बाद मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

    कोरोना तो खत्म हो गया, लेकिन लोग अब भी उससे उबर नहीं पाए हैं। किसी को आर्थिक नुकसान हुआ है तो किसी की नौकरी चली गई है। वहीं, युवाओं में पढ़ाई-लिखाई व करियर को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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    इस नंबर पर 24 घंटे ले सकते हैं सलाह

    मानसिक स्वास्थ्य संबंधित किसी भी परामर्श के लिए आप टोल फ्री नंबर 14416 व 1800-89-14416 पर ले सकते हैं। अत्यधिक तनाव मनोवैज्ञानिक समस्याओं को जन्म दे सकती है।

    फैक्ट फाइल

    मानसिक रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में तनाव से बचने का उपाय तलाशने की जरूरत है। किसी भी तरह के लक्षण सामने आने पर उसे नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करें- डा. दीपक गिरी, मनोचिकित्सक, सदर अस्पताल।

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