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    जामताड़ा एनकाउंटर : 8 घंटे बाद घटनास्थल से उठाया गया गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का शव, FSL टीम ने की फॉरेंसिक जांच

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 08:17 AM (IST)

    जामताड़ा में रविवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की मौत हो गई। वह पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास करते हुए एक जवान की राइफल ...और पढ़ें

    8 घंटे बाद घटनास्थल से उठाया गया गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का शव

    8 घंटे बाद घटनास्थल से उठाया गया गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का शव

    HighLights

    1. गैंगस्टर सुजीत सिन्हा जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

    2. पुलिस हिरासत से भागने और राइफल छीनने का प्रयास किया।

    3. एफएसएल टीम ने घटनास्थल से आठ घंटे बाद साक्ष्य जुटाए।

    जागरण संवाददाता, जामताड़ा। रविवार देर रात तकरीबन दस बजे के करीब पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के बीच हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। घटना साहिबगंज-गोविंदपुर स्टेट हाईवे पर जामताड़ा टाउन थाना क्षेत्र के सुपायडीह गांव के समीप हुई। 

    पुलिस के अनुसार साहिबगंज से धनबाद सेंट्रल जेल शिफ्ट किए जाने के दौरान उसने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। इसी दौरान कथित रूप से उसने एक पुलिस जवान की रायफल छीन ली, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। 

    वहीं रात दस बजे कुख्यात के एनकाउंटर के बाद जामताड़ा और साहिबगंज से कुख्यात को स्कॉट कर ले जा रही पुलिस टीम तकरीबन सात घंटे तक रांची से आने वाली एफएसएल टीम के आने के इंतजार में मौके पर घेराबंदी  कर खड़ी रही। एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचने के बाद सुबह छह बजे के करीब साक्ष्य जुटाने शुरू किए। 

    आठ घंटे से भी ज्यादा समय तक पड़ा रहा शव

    मौके पर मौजूद विश्वस्त पुलिस सूत्रों के अनुसार एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से खून, डीएनए, फिंगरप्रिंट और हथियारों के नमूनों का विश्लेषण करने में लगी रही। 

    इस दौरान टीम ने घटनास्थल से सुरक्षित तरीके से सबूत, जैसे बाल, रेशे और पैरों के निशानों की तलाश की और खून या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों से डीएनए प्रोफाइलिंग की। साथ ही टीम ने मौके पर चली गोली और हथियारों का मिलान करने के साथ अपराधियों के अंगुलियों के निशान और अन्य साक्ष्य भी जुटाए। 

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    इस बीच तकरीबन आठ घंटे से भी ज्यादा वक्त तक हल्की बूंदा-बांदी के बीच कुख्यात का शव मौके पर पड़ा रहा। इससे पहले रविवार की रात जामताड़ा सदर अस्पताल से पहुंची डाक्टरों की टीम ने भी अपनी जांच पूरी की। 

    साहिबगंज डीएसपी टीम के साथ स्काट कर गैंगस्टर को कर रहे थे धनबाद शिफ्ट

    जामताड़ा एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि साहिबगंज डीएसपी नितिन खंडेलवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद सेंट्रल जेल ले जा रही थी। रात करीब 10 बजे जामताड़ा के सुपायडीह गांव के पास पुलिस वाहन का टायर पंक्चर हो गया। इसी दौरान सुजीत सिन्हा ने मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की। 

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    पुलिस का दावा है कि उसने एक जवान की इंसास रायफल छीन ली और फायरिंग का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसे गोली लग गई और उसकी कुछ ही पल में मौके पर ही मौत हो गई।

    साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर यातायात डायवर्ट 

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, जामताड़ा एसडीपीओ वीसम राजा, जामताड़ा सीओ अबिश्वर मुर्मू, जामताड़ा टाउन थाना प्रभारी मनोज कुमार समेत जिले के कई वरीय अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। 

    सुरक्षा के मद्देनजर रात 10 बजे से ही साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर यातायात डायवर्ट कर दिया गया, जिससे सोमवार की सुबह जांच प्रक्रिया पूरी होने तक वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।

    कुख्यात के खिलाफ 60 से भी अधिक मामले हैं दर्ज

    सुजीत सिन्हा झारखंड के चर्चित गैंगस्टरों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, हथियार तस्करी, शस्त्र अधिनियम और संगठित अपराध से जुड़े 50 से अधिक मामले विभिन्न जिलों के थानों में दर्ज बताए जाते हैं। 

    वह पहले दिवंगत गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव गिरोह से जुड़ा था। बाद में उसने अपना अलग गिरोह खड़ा कर झारखंड के कई जिलों में रंगदारी और आपराधिक नेटवर्क संचालित किया। लंबे समय से वह पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

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