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    बड़े मनबढ़ हैं जामताड़ा के साइबर अपराधी, छापेमारी करने पहुंची पुलिस को ग्रामीणों के साथ मिलकर घेरा, की हूटिंग

    By Kaushal Kumar Singh Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Sat, 04 Apr 2026 05:17 PM (IST)

    Jamtara Cybercrime Raid: जामताड़ा में साइबर अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया और कार्रवाई में बाधा डाली। नारायणपुर थाना क्षेत् ...और पढ़ें

    HighLights

    1. पुलिस टीम को साइबर अपराधी पकड़ने से रोका गया।

    2. ग्रामीणों ने पुलिस को घेरकर कार्रवाई में बाधा डाली।

    3. 50-60 लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया।

    जागरण संवाददाता, जामताड़ा। 'वो देखो, वहां से लेकर जा रहा है... ये गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे... देखो, कोई ड्रेस नहीं पहना है, ऐसे आया है जैसे कोई गांव का आदमी हो। ये देखिए कैसे ले जा रहा है। बोल रहे हैं कि छोड़ दीजिए, कहां से ले जा रहे हैं, किस अधिकार से ले जा रहे हैं। हम लोगों को वीडियो बनाने का अधिकार है, हम लोग ब्लॉग बनाते हैं, ज्यादा दिक्कत हो जाएगी। हम लोग डरने वाले नहीं हैं...'

    ये शब्द साइबर अपराधियों का बचाव करने वाले रीलबाजों के हैं, जिन्होंने जामताड़ा साइबर थाने की पुलिस के काफिले को रोककर पहले घेरने का प्रयास किया। इसके बाद नोकझोंक हुई और अतिरिक्त पुलिस बल के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति कुछ हद तक काबू में आई।

    मामला नारायणपुर थाना क्षेत्र के तारासठिया गांव का बताया जा रहा है। जामताड़ा साइबर थाने की पुलिस शुक्रवार दोपहर वहां एक साइबर अपराधी को पकड़ने पहुंची थी। लेकिन कार्रवाई के दौरान हंगामा शुरू हो गया।

    साइबर अपराधियों का साथ देने वाले कुछ ग्रामीणों ने गांव के बाहर तक पुलिस टीम का पीछा किया और कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया। साथ ही, पुलिस टीम के दो पदाधिकारियों को घेरने की भी कोशिश की। पुलिस टीम किसी तरह सुरक्षित वहां से निकल पाई।

    इस मामले में जामताड़ा साइबर थाने की पुलिस ने 50 से 60 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, साइबर थाना के एसआई हीरालाल महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम एक संदिग्ध साइबर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए तारासठिया गांव पहुंची थी। इसी दौरान मुस्ताक अंसारी समेत करीब 50-60 महिला-पुरुषों की भीड़ ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।

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    ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया, जिससे काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस टीम ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन विरोध बढ़ता देख उन्हें बिना गिरफ्तारी के ही लौटना पड़ा।

    इससे पहले भी पुलिस टीम पर हो चुके हैं हमले

    शुक्रवार को तारासठिया गांव में हुई यह घटना कोई पहली नहीं है। इससे पहले भी नारायणपुर और करमाटांड़ थाना क्षेत्र के कई गांवों में पुलिस टीम पर पथराव, नोकझोंक और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले तीन वर्षों में ऐसे कम से कम तीन मामलों में केस दर्ज किए जा चुके हैं।

    मामला मेरे संज्ञान में आया है। पुलिस टीम ने इस मामले में केस दर्ज किया है। ऐसी घटनाओं को रोकने और साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के लिए पुलिस टीम को और मजबूत किया गया है। किसी भी हाल में न तो साइबर अपराधियों को बख्शा जाएगा और न ही उन्हें सहयोग करने वालों को।- राजकुमार मेहता, एसपी, जामताड़ा